समस्तीपुर में सांपों पर क्रूरता करने वालों पर शिकंजा, लवनी-घड़ों से मुक्त कराए गए 20 से अधिक सांप

समस्तीपुर में वन विभाग ने सांपों के साथ क्रूरता करने वालों पर कार्रवाई करते हुए लवनी और घड़ों में कैद 20 से अधिक सांपों को मुक्त कराया। मामले की जांच जारी है।
समस्तीपुर में सांपों पर क्रूरता करने वालों पर शिकंजा, लवनी-घड़ों से मुक्त कराए गए 20 से अधिक सांप
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समस्तीपुर में वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने सांपों के साथ कथित क्रूरता करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान लवनी और मिट्टी के घड़ों में कैद 20 से अधिक सांपों को सुरक्षित बाहर निकालकर मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग सांपों को पकड़कर लवनी और घड़ों में बंद कर रखे हुए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की और मौके से बड़ी संख्या में सांपों को बरामद किया। रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी सांप को नुकसान न पहुंचे।

वन अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए सभी सांपों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई। विभाग के अनुसार, वन्यजीवों को पकड़ना, कैद में रखना या उनके साथ क्रूरता करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

अधिकारियों का कहना है कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे खेतों और ग्रामीण इलाकों में चूहों जैसी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली प्रजातियों की संख्या नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

वन विभाग अब यह भी पता लगा रहा है कि सांपों को किस उद्देश्य से कैद किया गया था और इस गतिविधि में कितने लोग शामिल थे। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में सांप दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने या पकड़ने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सांप को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐसे अभियान लगातार चलने चाहिए। इससे न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। रेस्क्यू किए गए 20 से अधिक सांपों को सुरक्षित मुक्त कर दिया गया है और विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के साथ किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या क्रूरता करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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