दरभंगा: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा नेता और बिहार सरकार में मंत्री संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के दरभंगा दौरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव दरभंगा में जनता की समस्याओं को समझने या किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने नहीं, बल्कि "राजनीतिक पिकनिक मनाने" आए थे।
संजय सरावगी ने कहा कि विपक्ष के नेता को जनता के बीच जाकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए दौरा करने से जनता का भला नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल के शासनकाल को भी निशाने पर लिया। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि RJD शासन के दौरान अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था और आम लोगों में भय का माहौल रहता था। भाजपा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी है। संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव के दौरे को लेकर कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष वास्तव में जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपने दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी ने अपने शासनकाल में किन समस्याओं का समाधान किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि RJD के शासनकाल को बिहार की राजनीति में "जंगलराज" के दौर के रूप में याद किया जाता है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उस समय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती थीं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आज कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले नेताओं को अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध के मामलों में सरकार कार्रवाई कर रही है और किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा।
सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
वहीं तेजस्वी यादव की ओर से सरकार पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर भाजपा का कहना है कि विपक्ष को केवल घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय उनके पूरे संदर्भ को भी देखना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से अपराध की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
दरभंगा दौरे को लेकर दोनों पक्षों की बयानबाजी से बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हो गया है। एक तरफ विपक्ष सरकार की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ भाजपा RJD के पुराने शासनकाल को सामने रखकर जवाब दे रही है।
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता अब विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक फायदे के लिए अपराध की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। भाजपा का दावा है कि सरकार अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने भी कहा कि RJD के शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण मिलने के आरोपों को बिहार की जनता भूली नहीं है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष से पूछा कि अगर वर्तमान सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो RJD के शासनकाल में हुई घटनाओं और उस समय की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी चर्चा होनी चाहिए।
हालांकि विपक्ष की ओर से सरकार के इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया जाता रहा है। तेजस्वी यादव लगातार बिहार में अपराध और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं की ओर से दिया गया यह बयान राजनीतिक बहस को और तीखा करने वाला है।
दरभंगा में हुई इस बयानबाजी के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बिहार की कानून-व्यवस्था बनकर सामने आया है। दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमे इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रख रहे हैं। आने वाले दिनों में विधानसभा और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। उनका दावा है कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता दी गई है और किसी भी स्तर पर राजनीतिक दबाव नहीं है।
वहीं विपक्ष सरकार से अपराध की घटनाओं पर जवाब मांग रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को केवल पुराने शासनकाल का हवाला देने के बजाय वर्तमान घटनाओं पर जवाब देना चाहिए। इस तरह दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
फिलहाल संजय सरावगी का "राजनीतिक पिकनिक" वाला बयान चर्चा में है। भाजपा ने इसके जरिए तेजस्वी यादव के दरभंगा दौरे पर सवाल उठाया है, जबकि RJD और विपक्ष की ओर से सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तेजस्वी यादव भाजपा के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या दरभंगा दौरे के दौरान उठाए गए मुद्दों पर वे विस्तृत जवाब देते हैं। बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था और अपराध का मुद्दा पहले से ही बेहद संवेदनशील रहा है, इसलिए दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।











