लापता लेडीज फिल्म के एक्टर सतेंद्र सोनी ने मैहर में शूटिंग के बाद पैसे न देने और धमकी देने का आरोप लगाया है। रोते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें और उनके साथियों को सुरक्षित मुंबई भेजा।
बॉलीवुड: किरण राव की चर्चित फिल्म ‘लापता लेडीज’ में अपनी भूमिका से पहचान बनाने वाले अभिनेता सतेंद्र सोनी एक गंभीर विवाद में फंस गए हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के मैहर में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान प्रोड्यूसर और डायरेक्टर पर धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। यह मामला तब सामने आया जब सतेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे रोते हुए नजर आए। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद भी उन्हें उनका मेहनताना नहीं दिया गया और जब उन्होंने भुगतान की मांग की तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं।
‘पेड़ पालकी’ फिल्म की शूटिंग से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सतेंद्र सोनी को मध्य प्रदेश के मैहर में फिल्म ‘पेड़ पालकी’ की शूटिंग के लिए बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग आठ दिनों तक लगातार शूटिंग की और अपना पूरा काम ईमानदारी से किया।
लेकिन शूटिंग खत्म होने के बाद जब उन्होंने अपने पारिश्रमिक की मांग की, तो कथित रूप से प्रोड्यूसर-डायरेक्टर ने भुगतान करने से इनकार कर दिया। सतेंद्र का आरोप है कि इस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और धमकी भी दी गई, जिससे वे काफी तनाव में आ गए। इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले छोटे कलाकारों की सुरक्षा और भुगतान प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर रोते हुए वीडियो ने बढ़ाया मामला
सतेंद्र सोनी ने अपने दर्द को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे भावुक होकर पूरी स्थिति के बारे में बताते नजर आए। वीडियो वायरल होते ही यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि वे काफी परेशान हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस स्थिति से कैसे निकलें। उनके अनुसार, यह अनुभव उनके लिए मानसिक रूप से बहुत कठिन रहा। वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी मदद की मांग उठाई और प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कलाकारों को मिली सुरक्षा
मामले के तूल पकड़ने के बाद मैहर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम ने सतेंद्र सोनी और उनके साथ काम कर रहे अन्य कलाकारों से संपर्क किया।
पुलिस के अनुसार, कलाकारों ने बताया कि वे अब उस स्थान पर रहकर काम नहीं करना चाहते और सुरक्षित वापसी चाहते हैं। इसके बाद पुलिस ने पूरी व्यवस्था करते हुए उन्हें सुरक्षित तरीके से ट्रेन के जरिए मुंबई रवाना किया।
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इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सक्रियता को सराहा जा रहा है, क्योंकि मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुका था और कलाकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
मुंबई पहुंचकर जताया आभार
मुंबई पहुंचने के बाद सतेंद्र सोनी ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने राहत की सांस लेते हुए अपनी सुरक्षित वापसी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे अब सुरक्षित हैं और इस मुश्किल समय में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से मैहर पुलिस, एसपी अवधेश प्रताप सिंह, कोतवाली टीआई अनिमेष द्विवेदी और पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिली मदद के कारण वे इस स्थिति से बाहर निकल पाए। सतेंद्र ने अपने पोस्ट में लिखा कि इस कठिन समय में कई लोगों ने उनका साथ दिया, जिसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे।
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में संघर्ष की कहानी
सतेंद्र सोनी मध्य प्रदेश के सिहोरा क्षेत्र के सरौली गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे स्तर से की और धीरे-धीरे मुंबई में पहचान बनाई। उन्हें फिल्म ‘लापता लेडीज’ में ‘छोटू’ के किरदार के लिए खास पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने ‘बवाल’, ‘अब तो भगवान भरोसे’, और लोकप्रिय वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ में भी काम किया है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत द कपिल शर्मा शो से की थी, जहां से उन्हें इंडस्ट्री में आगे बढ़ने का अवसर मिला। उनकी यह यात्रा बताती है कि कैसे छोटे शहरों से आए कलाकार बड़े मंच तक पहुंचने के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन कई बार काम के दौरान चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है।
छोटे कलाकारों के भुगतान और सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने वाले जूनियर और छोटे कलाकारों की स्थिति पर बहस छेड़ रहा है। अक्सर ऐसे आरोप सामने आते रहे हैं कि कई कलाकारों को समय पर भुगतान नहीं मिलता या अनुबंध संबंधी विवादों का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्री में पारदर्शिता और कानूनी अनुबंधों को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि किसी भी कलाकार को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
फिलहाल इस मामले में प्रोड्यूसर-डायरेक्टर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है तो नियमानुसार जांच की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया दोनों में नजर बनी हुई है। लोग इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि कलाकारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए और सख्त नियमों की जरूरत है।









