कैमूर में 230.65 करोड़ से बनेगा इंडस्ट्रियल हब, एक्सप्रेसवे किनारे 781 एकड़ में होगा विकास

बिहार के कैमूर में 230.65 करोड़ रुपये से 781 एकड़ में इंडस्ट्रियल हब बनेगा। एक्सप्रेसवे किनारे बनने वाली परियोजना से निवेश, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

बिहार के कैमूर जिले में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के किनारे 781.18 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक हब विकसित किया जाएगा। 230.65 करोड़ रुपये की इस परियोजना से निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

भभुआ: कैमूर जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े इंडस्ट्रियल हब की योजना को आगे बढ़ाया है। वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र जिले में पहली बार बड़े स्तर पर उद्योगों के लिए आधार तैयार करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र

कैमूर जिले के चांद और चैनपुर अंचल में करीब 781.18 एकड़ भूमि पर नया इंडस्ट्रियल हब विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 230.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य बेहतर सड़क संपर्क का लाभ उठाकर इस क्षेत्र को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।

कैमूर में 230.65 करोड़ से बनेगा इंडस्ट्रियल हब, एक्सप्रेसवे किनारे 781 एकड़ में होगा विकास

वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होने के कारण यह औद्योगिक क्षेत्र परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी, जिससे उत्पादन लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है।

पहली बार मिलेगा सरकारी औद्योगिक क्षेत्र

जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक हेमलता कुमारी के अनुसार, कैमूर में अब तक कोई सरकारी औद्योगिक क्षेत्र उपलब्ध नहीं था। नए इंडस्ट्रियल हब के निर्माण से यह कमी दूर होगी और जिले को राज्य के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने बताया कि बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए यहां निवेश करना आसान होगा। राज्य सरकार भी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत आवश्यक सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है, जिससे नए निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित औद्योगिक हब के विकसित होने के बाद कैमूर में विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित होने की संभावना है। कृषि आधारित उद्योगों के अलावा खाद्य प्रसंस्करण, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य विनिर्माण इकाइयों के लिए भी यह क्षेत्र उपयुक्त माना जा रहा है।

परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे जिले में निवेश बढ़ेगा, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही रोजगार के स्थानीय अवसर बढ़ने से दूसरे शहरों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे से जुड़ा यह इंडस्ट्रियल हब भविष्य में कैमूर को पूर्वी भारत के उभरते औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल जिले का औद्योगिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी आर्थिक रूप से लाभ मिलने की संभावना है।

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