Shaan Birthday: 14 की उम्र में खोया पिता का साथ, 17 में शुरू किया प्लेबैक करियर

Shaan Birthday Special: मशहूर सिंगर शान ने महज 14 साल की उम्र में पिता को खो दिया था। 17 की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग शुरू कर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

मध्य प्रदेश के खंडवा में जन्मे सिंगर शान का बचपन से ही संगीत से गहरा जुड़ाव रहा। उनके दादा जाहर मुखर्जी अपने समय के मशहूर गीतकार थे, जबकि पिता मानस मुखर्जी म्यूजिक डायरेक्टर और मां सोनाली मुखर्जी भी जानी-मानी गायिका थीं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: मखमली आवाज और रोमांटिक गानों के लिए मशहूर बॉलीवुड सिंगर शान आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। कई भाषाओं में हजारों गानों को अपनी आवाज दे चुके शान ने गायकी के साथ-साथ एक्टिंग और टीवी होस्टिंग में भी अपनी पहचान बनाई है। उनका संगीत से जुड़ाव बचपन से रहा और पारिवारिक माहौल ने उनके करियर की नींव मजबूत की। हालांकि, कम उम्र में पिता को खोने के बाद उनके परिवार के सामने कई चुनौतियां भी आईं।

संगीत परिवार में हुआ जन्म

शान का असली नाम शांतनु मुखर्जी है। उनका जन्म 30 सितंबर 1972 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनके परिवार का संगीत से गहरा रिश्ता रहा है। उनके दादा जाहर मुखर्जी गीतकार थे, जबकि पिता मानस मुखर्जी संगीत निर्देशक के तौर पर काम करते थे। उनकी मां सोनाली मुखर्जी भी गायिका रही हैं। घर में संगीत का माहौल होने की वजह से शान ने बहुत छोटी उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। 

महज चार साल की उम्र में उन्होंने विज्ञापनों के लिए जिंगल्स गाने शुरू कर दिए थे। उनकी बहन सागरिका मुखर्जी भी गायिका हैं और दोनों भाई-बहन ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

14 साल की उम्र में पिता का निधन

शान अपने पिता के बेहद करीब थे, लेकिन किशोरावस्था में ही उन्हें पिता का साथ खोना पड़ा। 18 अक्टूबर 1986 को मानस मुखर्जी का निधन हो गया था। उस समय शान की उम्र सिर्फ 14 साल थी। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां सोनाली मुखर्जी ने संभाली। सोनाली ने परिवार के लिए लंबे समय तक कोरस सिंगर के रूप में काम किया। उन्होंने 1970 के दशक से लेकर करीब साल 2000 तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहकर परिवार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

17 साल की उम्र में शुरू किया प्लेबैक सिंगिंग करियर

शान ने महज 17 साल की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में कदम रखा। साल 1989 में उनकी आवाज फिल्म 'परिंदा' के गाने 'कितनी है प्यारी प्यारी' में सुनाई दी। इसके बाद उन्होंने विज्ञापनों के लिए कई जिंगल्स रिकॉर्ड किए और धीरे-धीरे संगीत उद्योग में अपनी पहचान मजबूत की। करियर के शुरुआती दौर में शान ने रीमिक्स गानों को भी अपनी आवाज दी। 

आर.डी. बर्मन के लोकप्रिय गाने 'रूप तेरा मस्ताना' के रीमिक्स ने उन्हें खास पहचान दिलाने में मदद की। इसके बाद 1999 में उनका म्यूजिक एल्बम 'तनहा दिल' रिलीज हुआ, जिसने उन्हें युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया। इस एल्बम के लिए उन्हें साल 2000 में MTV Asia Music के बेस्ट सोलो एल्बम का अवॉर्ड भी मिला।

इन गानों ने बनाई खास पहचान

बॉलीवुड में शान ने कई बड़े सितारों के लिए प्लेबैक सिंगिंग की है। उनके लोकप्रिय गानों में 'चांद सिफारिश', 'जब से तेरे नैना', 'वो लड़की है कहां', 'आओ मिलो चलो', 'हे सोना', 'सुनो ना' और 'बूम बूम बोले' जैसे गाने शामिल हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, कन्नड़, नेपाली, मलयालम और उर्दू सहित कई भाषाओं में भी गाने रिकॉर्ड किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने लंबे करियर में शान 3,000 से ज्यादा गानों को आवाज दे चुके हैं।

एक्टिंग और टीवी होस्टिंग में भी आजमाया हाथ

गायकी के अलावा शान ने टेलीविजन पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 'स्टार वॉइस ऑफ इंडिया', 'सा रे गा मा पा' और 'सा रे गा मा पा लिटिल चैम्प्स' जैसे म्यूजिक रियलिटी शो होस्ट किए हैं। इन दिनों वह 'सा रे गा मा पा' में जज की भूमिका में नजर आ रहे हैं। शान ने फिल्मों में एक्टिंग भी की। वह 'दमन' (2001) और 'म्यूजिक स्कूल' (2023) जैसी फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं। इस तरह उन्होंने सिंगिंग के अलावा अभिनय और टीवी की दुनिया में भी अपना अनुभव आजमाया।

राधिका से शादी और दो बेटों के पिता हैं शान

शान की निजी जिंदगी भी काफी दिलचस्प रही है। उनकी मुलाकात राधिका मुखर्जी से तब हुई थी, जब वह 24 साल के थे। मुलाकातों के बाद दोनों के बीच रिश्ता आगे बढ़ा और शान ने राधिका को प्रपोज किया। दोनों ने साल 2002 में शादी कर ली। शादी के बाद शान और राधिका दो बेटों के माता-पिता बने। उनके बेटों के नाम सोहम और माही हैं। संगीत की दुनिया में कई दशकों का सफर पूरा कर चुके शान आज भी अपनी आवाज और सहज अंदाज के जरिए दर्शकों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं।

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