Share Market Crash: सेंसेक्स 1124 अंक और निफ्टी 360 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे 8 लाख करोड़

Share Market Crash: सोमवार को सेंसेक्स 1,124 अंक गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक टूटकर 22,780.25 पर बंद हुआ। BSE-listed कंपनियों का मार्केट कैप

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बीच कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका असर बाजार पर साफ नजर आया।

Share Market: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में बढ़ी चिंता और ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का जोखिम बढ़ा दिया। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी भारतीय इक्विटी बाजार पर दिखाई दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,124 अंक से ज्यादा गिरकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360 अंक टूटकर 22,780.25 पर पहुंच गया।

बाजार में इस तेज गिरावट के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। कारोबार समाप्त होने पर कुल मार्केट कैप करीब 474 लाख करोड़ रुपये रह गया। सोमवार की गिरावट ने निवेशकों के बीच बढ़ी हुई अस्थिरता को भी सामने रखा।

सेंसेक्स में 1.52 फीसदी की गिरावट

सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी की गिरावट के साथ 72,771.72 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 50 में 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इंडेक्स 22,780.25 पर आ गया। बाजार में बिकवाली की व्यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर करीब 2,716 शेयर लाल निशान में बंद हुए। 

इसके मुकाबले केवल 869 शेयरों में तेजी रही, जबकि 91 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। यानी बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों की तुलना में कई गुना अधिक रही।

30 में से 29 सेंसेक्स शेयरों में गिरावट

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 29 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। एलएंडटी और पावर ग्रिड के शेयरों में करीब 3 फीसदी की कमजोरी रही। अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एसबीआई में भी 2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत इंफोसिस सेंसेक्स में बढ़त दर्ज करने वाला प्रमुख और एकमात्र शेयर रहा, हालांकि इसकी तेजी सीमित रही। 

निफ्टी में जियो फाइनेंशियल, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स में दबाव देखने को मिला। वहीं डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और इंफोसिस में खरीदारी रही।

सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली

सोमवार की गिरावट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टेलीकॉम इंडेक्स भी करीब 2 फीसदी कमजोर हुआ। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में भी 1 से 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी पड़ा। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2 फीसदी नीचे रहे।

ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता

शेयर बाजार में सोमवार की भारी गिरावट के पीछे भूराजनीतिक तनाव एक प्रमुख कारण रहा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की चिंता बढ़ी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगातार तेजी से महंगाई, आयात बिल और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी इक्विटी बाजार पर दबाव बनाया। ऊंची बॉन्ड यील्ड की स्थिति में निवेशकों के लिए सुरक्षित आय वाले विकल्प अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं, जिससे शेयर बाजार में जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित होती है।

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