Share Market Opening: सपाट शुरुआत के साथ खुले सेंसेक्स-निफ्टी, शुरुआती कारोबार में हल्की बढ़त

भारतीय शेयर बाजार ने आज सपाट शुरुआत की, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की बढ़त देखने को मिली। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों

आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही। निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स दोनों प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त और गिरावट के बीच कारोबार करते नजर आए। हाल के कारोबारी सत्रों में लगातार मिल रही बढ़त का सिलसिला टूटने के बाद निवेशकों का फोकस आईटी शेयरों पर बना रहा।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मिश्रित लेकिन स्थिर रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी बाजारों में हालिया उतार-चढ़ाव और कॉर्पोरेट आय सीजन के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुले, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों में दबाव देखने को मिला।

विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि आईटी कंपनियों में बिकवाली ने समग्र तेजी को सीमित रखा। निवेशकों की नजरें अब कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बनी हुई हैं।

निफ्टी और सेंसेक्स में हल्की मजबूती

कारोबार की शुरुआत में एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स लगभग 44 अंकों की बढ़त के साथ 24,361 के स्तर के आसपास खुला। इससे पहले यह 24,317 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, बीएसई सेंसेक्स भी लगभग 70 अंकों की बढ़त के साथ 77,998 के स्तर पर कारोबार शुरू करता दिखाई दिया। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। 

एक ओर घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत समर्थन दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अनिश्चितता निवेशकों को सावधानी बरतने के लिए प्रेरित कर रही है।

रुपये में मजबूती, कच्चे तेल में नरमी

विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर खुला। शुरुआती कारोबार में रुपये ने पिछले सत्र की तुलना में बढ़त दर्ज की, जिससे आयात-आधारित कंपनियों और व्यापक बाजार भावना को कुछ समर्थन मिला। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई। तेल कीमतों में गिरावट भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे आयात लागत और मुद्रास्फीति पर दबाव कम हो सकता है। ऊर्जा बाजारों में नरमी का असर विमानन, परिवहन और उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी सकारात्मक माना जा रहा है।

वित्तीय शेयरों में जोरदार खरीदारी

शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। निवेशकों ने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में रुचि दिखाई, जिसके चलते कई प्रमुख शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व सबसे अधिक चर्चा में रहे। इनके अलावा श्रीराम फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वित्तीय परिणामों और बेहतर विकास संभावनाओं के कारण निवेशक इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहे हैं।

Eternal (पूर्व में Zomato) के शेयरों में तेजी

फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Eternal (जिसे पहले Zomato के नाम से जाना जाता था) के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती दर्ज की गई। कंपनी के हालिया व्यावसायिक प्रदर्शन और निवेशकों के सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण शेयरों में खरीदारी देखी गई। डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं से जुड़ी कंपनियां हाल के महीनों में निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

जहां वित्तीय और उपभोक्ता क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं आईटी सेक्टर कमजोर रहा। टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक तकनीकी क्षेत्र की अनिश्चितताओं, विदेशी बाजारों से जुड़े संकेतों और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण आईटी शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

भारत का आईटी क्षेत्र वैश्विक मांग पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए अमेरिका और यूरोप की आर्थिक परिस्थितियां इन कंपनियों के प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करती हैं।

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