Share Market: चार दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 210 अंक टूटा, निफ्टी 24,615 के नीचे बंद

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को चार दिनों की लगातार तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,615 के स्तर से नीचे फिसल गया।

घरेलू शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला मंगलवार को थम गया। निवेशकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के मद्देनजर सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर बाजार की चाल पर देखने को मिला।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर मंगलवार को विराम लग गया। निवेशकों के सतर्क रुख और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच घरेलू बाजार दबाव में रहा। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। इसका असर बाजार की समग्र धारणा पर देखने को मिला।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

दिनभर के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,428.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक एक समय 78,211.87 अंक तक फिसल गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 अंक पर बंद हुआ। पिछले चार सत्रों में बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली थी, लेकिन मंगलवार को निवेशकों ने सतर्कता दिखाई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजरें इस समय RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर टिकी हुई हैं। ब्याज दरों, मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि से जुड़े संभावित संकेतों का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर जारी कूटनीतिक गतिविधियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने भी बाजार में सतर्कता बढ़ाई। निवेशक किसी भी बड़े फैसले से पहले जोखिम कम करने की रणनीति अपनाते दिखाई दिए।

रुपये में सीमित उतार-चढ़ाव

विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया लगभग स्थिर रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95.3775 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.3375 पर बंद हुआ था। मुद्रा बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल केंद्रीय बैंक की नीतिगत घोषणा और वैश्विक आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 14 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। दिन के कारोबार में सबसे अधिक दबाव उपभोक्ता और बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला। हिंदुस्तान यूनिलीवर में लगभग 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा NTPC, HDFC बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडिगो, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, HCL टेक और इन्फोसिस के शेयरों में भी कमजोरी रही।

दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टाइटन और सन फार्मा के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

निफ्टी में कौन रहे टॉप लूजर?

निफ्टी 50 में सबसे अधिक गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर प्रमुख रहे। इन शेयरों में बिकवाली ने निफ्टी पर अतिरिक्त दबाव डाला और बाजार की कुल दिशा को नकारात्मक बनाए रखा। बड़े शेयरों की तुलना में व्यापक बाजार (Broader Market) का प्रदर्शन मिश्रित रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह संकेत देता है कि निवेशकों की रुचि चुनिंदा छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों में बनी हुई है, जबकि बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली देखी गई।

Leave a comment