वैश्विक बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी करीब 40 अंकों की गिरावट के साथ 24,116 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि बैंक निफ्टी भी करीब 120 अंक टूटकर 57,140 के स्तर पर पहुंच गया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी के बीच घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। इसके साथ ही भारतीय शेयर बाजार में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, बाजार में एक अहम बदलाव नजर आया। IT Stocks में निवेशकों की खरीदारी लौटी और Nifty IT Index करीब 1 प्रतिशत तक चढ़ गया।
शुरुआती कारोबार में Nifty करीब 40 अंक फिसलकर 24,116 के आसपास पहुंच गया, जबकि Bank Nifty लगभग 120 अंक की गिरावट के साथ 57,140 के करीब कारोबार कर रहा था। बाजार की दिशा पर फिलहाल वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर बना हुआ है।
IT Stocks में क्यों दिखी खरीदारी?
बाजार में व्यापक कमजोरी के बावजूद IT शेयरों में खरीदारी ने निवेशकों का ध्यान खींचा। Nifty IT Index में करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। HCL Technologies जैसे प्रमुख IT शेयरों में मजबूती देखने को मिली। IT सेक्टर को आमतौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी बाजार से जुड़े संकेतों से काफी प्रभावित माना जाता है।
ऐसे में निवेशकों की ओर से IT शेयरों में खरीदारी को सेक्टर में हालिया कमजोरी के बाद वैल्यू-बाइंग के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में दबाव बना रहने पर घरेलू IT कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है। IT के अलावा FMCG, मीडिया और Oil & Gas सेक्टर के कुछ शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की मजबूती देखने को मिली।
Crude Oil ने बढ़ाई बाजार की चिंता

कच्चे तेल की कीमतें लगातार दूसरे दिन करीब 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की कीमतों में लगातार तेजी से रुपये, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं।
भारतीय बाजार को विदेशी संकेतों से भी समर्थन नहीं मिला। एशियाई बाजारों में अधिकांश प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखा गया। जापान का Nikkei 2.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। बुधवार सुबह Dow Futures भी कमजोर रुख के साथ कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों में यह कमजोरी भारतीय इक्विटी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है।
Nifty50 में बिकवाली का दबदबा
शुरुआती कारोबार में Nifty50 का Advance-Decline Ratio 19:31 रहा। इसका मतलब है कि 19 शेयरों में तेजी जबकि 31 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इससे बाजार में बिकवाली के दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। Nifty50 के टॉप गेनर्स में HCL Technologies, Nestle India, Sun Pharma और Eternal शामिल रहे। वहीं, Hindalco, Tata Steel, Mahindra & Mahindra, Coal India और Bajaj Finserv शुरुआती कारोबार में प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे।
क्या सात दिन की गिरावट के बाद आएगी तेजी?
बाजार में लगातार सात सत्रों की कमजोरी के बाद निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अब रिकवरी कब शुरू होगी। आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के वरिष्ठ प्रबंधक जिगर एस. पटेल के अनुसार, Nifty फिलहाल 200-EMA के नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार के कमजोर ट्रेंड का संकेत है। उन्होंने कहा कि RSI करीब 43 के स्तर पर है और 50 के न्यूट्रल स्तर से नीचे बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल खरीदारों का दबदबा पूरी तरह वापस नहीं आया है।
तकनीकी स्तर पर 24,000 का स्तर Nifty के लिए अहम सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 24,200 एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। यदि Nifty लगातार 24,200 के ऊपर टिकता है, तो बाजार का सेंटीमेंट सुधर सकता है और रिकवरी की शुरुआत हो सकती है। इसके विपरीत 24,000 के नीचे फिसलने पर बिकवाली और तेज होने का जोखिम है।











