भारतीय शेयर बाजार में आज भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 262 अंकों की बढ़त के साथ 76,526 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 70 अंक चढ़कर 23,924 पर पहुंच गया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भी देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और निवेशकों के बेहतर सेंटीमेंट के बीच मंगलवार को घरेलू इक्विटी बाजार बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 76,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा, जबकि एनएसई निफ्टी भी मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों में कमी, स्थिर कच्चे तेल की कीमतें और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतिगत बैठकों से पहले निवेशकों की सकारात्मक धारणा भारतीय बाजार को समर्थन दे रही है।
सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स लगभग 262 अंकों की बढ़त के साथ 76,500 के स्तर के आसपास खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी ने भी करीब 70 अंकों की तेजी के साथ 23,900 के ऊपर कारोबार की शुरुआत की। बाजार में खरीदारी का रुझान बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में देखा गया। निवेशकों का मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और वैश्विक जोखिमों में कमी से भारतीय बाजारों को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों में कमी के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में राहत का माहौल बनाया है। हालांकि, निवेशक अभी भी दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों के आगामी ब्याज दर संबंधी फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं।
ब्याज दरों में संभावित बदलाव वैश्विक पूंजी प्रवाह और उभरते बाजारों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। भारतीय बाजार भी इन वैश्विक संकेतों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं, इसलिए आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों की नीतियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
![]()
एशियाई बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का शेयर बाजार निवेशकों की सतर्कता के बीच सीमित उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की नजर वहां की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों पर बनी हुई है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई, जबकि हांगकांग के बाजार में सीमित कमजोरी देखी गई।
एशियाई बाजारों का यह मिला-जुला प्रदर्शन निवेशकों की सतर्क रणनीति को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर निवेशक आर्थिक आंकड़ों, मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीतियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों से मिला समर्थन
अमेरिकी शेयर बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में मजबूत प्रदर्शन किया, जिसका सकारात्मक असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा। प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ। हालांकि, अमेरिकी फ्यूचर्स बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया, क्योंकि निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की नीतियों का इंतजार कर रहे हैं।
वैश्विक निवेशकों के लिए अमेरिकी बाजारों की दिशा अभी भी महत्वपूर्ण संकेतक बनी हुई है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजारों सहित अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ता है।









