बिहारशरीफ-शेखपुरा में एक भीषण आग की घटना ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, जहां पराली और शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते 55 बीघा फसल को जलाकर खाक कर दिया। इस घटना में करीब 15 किसान प्रभावित हुए हैं, जिनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई। खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह जल चुकी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
बताया जा रहा है कि आग लगने की शुरुआत खेतों में जलाई गई पराली से हुई, जिसने धीरे-धीरे आसपास की फसलों को अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग और भी भड़क गई और तेज हवा के कारण यह तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते आग ने बड़े इलाके को घेर लिया और कई खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की। बाल्टी, पंप और स्थानीय संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उसे नियंत्रित करना आसान नहीं था। बाद में दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
इस घटना के बाद प्रभावित किसानों में आक्रोश और मायूसी दोनों देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी और अब पूरी फसल जल जाने के कारण वे आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कई किसानों ने बताया कि यह उनकी सालभर की कमाई थी, जो अब पूरी तरह खत्म हो गई है।
किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और कहा है कि सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें। उनका कहना है कि अगर समय पर सहायता नहीं मिली, तो उनके सामने जीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि खेतों में पराली जलाने और बिजली व्यवस्था की लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। थोड़ी सी सावधानी और बेहतर प्रबंधन से इस तरह की बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है, लेकिन जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक किसानों को इस तरह के नुकसान का सामना करना पड़ता रहेगा।












