भारतीय शेयर बाजार में जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही कई बड़े निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण रही। बाजार में आई व्यापक गिरावट का असर हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशकों के पोर्टफोलियो पर साफ दिखाई दिया। कई दिग्गज निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस मुश्किल दौर में कुछ निवेशकों ने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा।
बिजनेस न्यूज़: जनवरी-मार्च तिमाही में शेयर बाजार में आई कमजोरी का असर भारत के बड़े व्यक्तिगत निवेशकों की संपत्ति पर भी साफ दिखाई दिया। प्राइमडेटाबेस रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, बाजार में गिरावट के चलते लगभग सभी सेक्टरों के शेयर दबाव में रहे, जिससे कई चर्चित हाई-नेटवर्थ निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की तुलना में बड़ी कमी दर्ज की गई।
इस गिरावट से प्रभावित प्रमुख निवेशकों में Hemendra Kothari, Mukul Agrawal, Madhusudan Kela, Nimesh Shah, Ashish Kacholia, Akash Bhanshali और Ashish Dhawan जैसे नाम शामिल हैं।
बाजार गिरा, निवेशकों की संपत्ति घटी
मार्च 2026 तिमाही में भारतीय इक्विटी बाजार दबाव में रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ऊंची ब्याज दरों और कमजोर बाजार सेंटीमेंट का असर लगभग सभी सेक्टरों पर देखने को मिला। प्राइमडेटाबेस रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, देश के कई प्रमुख व्यक्तिगत निवेशकों की पोर्टफोलियो वैल्यू में बड़ी गिरावट आई। इनमें हेमेंद्र कोठारी, मुकुल अग्रवाल, मधुसूदन केला, आशीष कचोलिया, आकाश भंसाली और आशीष धवन जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान किसे हुआ?
इस तिमाही में सबसे अधिक नुकसान हेमेंद्र कोठारी और मुकुल अग्रवाल को हुआ। दोनों निवेशकों की पोर्टफोलियो वैल्यू में करीब 26% की गिरावट दर्ज की गई। हेमेंद्र कोठारी के प्रमुख निवेशों में Alkyl Amines Chemicals, Sonata Software और EIH Associated Hotels शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 23%, 42% और 25% की गिरावट आई, जिसका सीधा असर उनके पोर्टफोलियो पर पड़ा।
उनकी कुल होल्डिंग दिसंबर 2025 में लगभग ₹6,033 करोड़ थी, जो मार्च 2026 तक घटकर ₹4,482 करोड़ रह गई। इसी तरह, मुकुल अग्रवाल की कुल संपत्ति भी ₹6,248 करोड़ से घटकर ₹4,648 करोड़ के आसपास पहुंच गई।
किन निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान?

कई अन्य बड़े निवेशकों की संपत्ति में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई:
- मधुसूदन केला – 21.2% की गिरावट
- नेमिश शाह – 19.4% की गिरावट
- आशीष कचोलिया – 16.9% की गिरावट
- आकाश भंसाली – 15.6% की गिरावट
- आशीष धवन – 12.5% की गिरावट
- राकेश झुनझुनवाला परिवार की होल्डिंग – 9.6% की गिरावट
इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार की कमजोरी ने अनुभवी निवेशकों को भी प्रभावित किया।
राधाकिशन दमानी ने दिखाई मजबूती
जहां अधिकांश निवेशकों को नुकसान हुआ, वहीं दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। उनकी पोर्टफोलियो वैल्यू में लगभग 4.4% की बढ़ोतरी हुई। दिसंबर 2025 में उनकी कुल होल्डिंग करीब ₹1.68 लाख करोड़ थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर ₹1.75 लाख करोड़ से अधिक हो गई। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद दमानी का पोर्टफोलियो स्थिरता और मजबूत निवेश रणनीति का उदाहरण माना जा रहा है।
इस तिमाही की सबसे बड़ी सफलता की कहानी वनाजा अय्यर की रही। उन्होंने केवल तीन महीनों में अपनी पोर्टफोलियो वैल्यू को दोगुने से भी अधिक बढ़ा लिया। दिसंबर 2025 में उनकी कुल होल्डिंग लगभग ₹513.5 करोड़ थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर ₹1,123 करोड़ पहुंच गई। इसका मतलब है कि उन्होंने करीब ₹609 करोड़ का लाभ कमाया। उनके पोर्टफोलियो में 118.7% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस तिमाही में किसी भी प्रमुख निवेशक के मुकाबले सबसे अधिक रही।









