लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट लिमिटेड अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ 12 अगस्त को निवेशकों के लिए खोलने जा रही है। यह सार्वजनिक निर्गम 14 अगस्त तक खुला रहेगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 11 अगस्त को शुरू होगी।
बिजनेस न्यूज़: भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स टेक्नोलॉजी सेक्टर की प्रमुख कंपनी शिपरॉकेट (Shiprocket) अपना बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी का आईपीओ 12 अगस्त 2026 को निवेशकों के लिए खुलेगा और 14 अगस्त 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 11 अगस्त को उपलब्ध रहेगा।
शिपरॉकेट इस आईपीओ के जरिए लगभग 1,617 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 92 रुपये से 97 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। भारत के डिजिटल कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं के बीच यह आईपीओ निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
क्या है Shiprocket और क्यों है चर्चा में?
शिपरॉकेट भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स में से एक माना जाता है। कंपनी ई-कॉमर्स कारोबारियों, छोटे व्यवसायों और ऑनलाइन विक्रेताओं को शिपिंग, ऑर्डर मैनेजमेंट, वेयरहाउसिंग और डिलीवरी समाधान उपलब्ध कराती है। देश में ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन और डिजिटल कारोबार के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तेजी से बदलाव आया है। ऐसे माहौल में शिपरॉकेट ने खुद को एक महत्वपूर्ण टेक-आधारित सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित किया है।
आईपीओ का आकार और संरचना
शिपरॉकेट के आईपीओ में दो हिस्से शामिल हैं—फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS)। कंपनी 885 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर समूह 732 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बेचेंगे। कुल मिलाकर आईपीओ का आकार 1,617 करोड़ रुपये का होगा।
गौरतलब है कि कंपनी ने दिसंबर 2025 में बाजार नियामक के पास जो प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे, उनमें लगभग 2,342 करोड़ रुपये के आईपीओ का प्रस्ताव था। हालांकि, बाद में बाजार परिस्थितियों और रणनीतिक कारणों को देखते हुए इश्यू का आकार घटा दिया गया।
प्राइस बैंड और निवेश की न्यूनतम राशि
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शिपरॉकेट ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 92 रुपये से 97 रुपये प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 154 शेयर निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 97 रुपये पर आवेदन करता है, तो उसे एक लॉट के लिए लगभग 14,938 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट तक आवेदन कर सकते हैं।
इस स्थिति में कुल निवेश राशि लगभग 1.94 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए विशेष छूट की भी घोषणा की है। पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 9 रुपये की छूट प्रदान की जाएगी।
निवेशकों के लिए आरक्षण
आईपीओ में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है।
- 75% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए आरक्षित रहेगा।
- 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए रखा गया है।
- 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए निर्धारित किया गया है।
यह संरचना बड़े संस्थागत निवेशकों और व्यक्तिगत निवेशकों दोनों को भागीदारी का अवसर प्रदान करती है।
महत्वपूर्ण तारीखें
शिपरॉकेट आईपीओ से जुड़ी प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
- एंकर निवेशकों के लिए खुलने की तारीख: 11 अगस्त 2026
- सार्वजनिक सदस्यता शुरू: 12 अगस्त 2026
- सार्वजनिक सदस्यता बंद: 14 अगस्त 2026
- शेयर आवंटन (Allotment): 17 अगस्त 2026
- डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट: 18 अगस्त 2026
- रिफंड प्रक्रिया: 18 अगस्त 2026
- संभावित लिस्टिंग: 19 अगस्त 2026
भारत का लॉजिस्टिक्स उद्योग तेजी से डिजिटल हो रहा है। ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स और छोटे ऑनलाइन व्यवसायों की बढ़ती संख्या ने लॉजिस्टिक्स सेवाओं की मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।








