मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दान में मिलने वाले सोने-चांदी के जेवरात की अब मौके पर कंप्यूटराइज्ड मशीन से शुद्धता जांच होगी। रिपोर्ट की प्रति दानदाता को दी जाएगी और दान गणना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी।
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं से दान में मिलने वाले सोने-चांदी के जेवरात की अब वैज्ञानिक पद्धति से मौके पर ही जांच की जाएगी। इसके लिए अत्याधुनिक कंप्यूटराइज्ड टेस्टिंग मशीन का इस्तेमाल होगा। जांच के बाद ही जेवरात को स्वीकार कर दान की रसीद दी जाएगी। दानदाता को जांच रिपोर्ट की एक प्रति भी दी जाएगी, जबकि दूसरी प्रति संस्थान के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाएगी।
दानदाता के सामने होगी जेवरात की जांच
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के मुताबिक, कंप्यूटराइज्ड मशीन से जेवरात की शुद्धता के साथ उसमें मौजूद अलग-अलग धातुओं की मात्रा की भी सटीक जानकारी मिल सकेगी। दान काउंटर पर जेवरात की जांच श्रद्धालु के सामने ही की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद तैयार रिपोर्ट की एक प्रति दान रसीद के साथ दानदाता को दी जाएगी।

रिपोर्ट में दानदाता के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएंगे। इसकी दूसरी प्रति संस्थान के अभिलेख में रखी जाएगी। इससे दानदाता के पास जमा किए गए जेवरात की शुद्धता का प्रमाण रहेगा और संस्थान के पास भी संबंधित दान सामग्री का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
इस मशीन की खासियत यह है कि जेवरात को काटे या तोड़े बिना उनकी जांच की जा सकेगी। जांच के दौरान वस्तु के स्वरूप में भी कोई बदलाव नहीं करना पड़ेगा। संस्थान के अनुसार, इससे दान में प्राप्त सामग्री की शुद्धता जांचने के साथ उसके रिकॉर्ड और रखरखाव का वर्गीकरण करने में भी सुविधा होगी।
हुंडी और दानपेटिका के जेवरात की भी होगी जांच
हुंडी या दानपेटिका के जरिए मिलने वाले जेवरात की जांच भी इसी व्यवस्था के तहत दान गणना कक्ष में की जाएगी। यह प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में और दान गणना से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी श्याम सुंदर चौधरी और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में टेस्टिंग मशीन का डेमो भी किया गया।
यह नई व्यवस्था ऐसे समय लागू की जा रही है, जब अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले के बाद मंदिरों में दान प्रबंधन की पारदर्शिता और निगरानी को लेकर चर्चा बढ़ी है। मथुरा में भी पहले दान प्रबंधन को लेकर आरोप सामने आ चुके हैं, हालांकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने ऐसे आरोपों को खारिज किया था और अपनी व्यवस्था को पारदर्शी बताया था।
दान गणना कक्ष में बढ़ाई गई CCTV निगरानी
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दान गणना कक्ष में भी निगरानी व्यवस्था बढ़ाई गई है। पहले यहां सात सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जबकि अब आठ नए एचडी कैमरे और लगाए गए हैं। संस्थान के अनुसार, इन कैमरों की रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी। इसके लिए अलग उपकरण लगाने के साथ कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी की गई है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, दान गणना की प्रक्रिया स्वतंत्र पर्यवेक्षकों और सुरक्षा प्रहरियों की मौजूदगी में सीसीटीवी निगरानी के तहत की जाती है तथा रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखी जाती है। नई मशीन और अतिरिक्त कैमरों की व्यवस्था से दान में मिलने वाली धातु सामग्री की जांच और रिकॉर्ड प्रबंधन को और व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।












