कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जयपुर में SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची संशोधन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने BLO पर दबाव, आत्महत्या जैसी घटनाओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। पायलट ने कहा कि किसी का नाम गलत तरीके से काटने नहीं दिया जाएगा।
Sachin Pilot on SIR Process: जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मतदाता सूची संशोधन यानी SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताईं। उन्होंने कहा कि देश में पहले भी यह प्रक्रिया हुई है, लेकिन इस बार जनता को आपत्ति दर्ज कराने के लिए बेहद कम समय दिया गया है। पायलट ने BLO पर अत्यधिक दबाव और इससे जुड़ी दुखद घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि वोट देने के संवैधानिक अधिकार से किसी को वंचित नहीं होने दिया जाएगा।
SIR प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
जयपुर में मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि देश में SIR कई बार हुआ है, लेकिन इस बार जिस तरह का माहौल बना है, वह चिंता पैदा करता है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची संशोधन अभियान में जनता को आपत्ति दर्ज कराने के लिए बेहद कम समय दिया गया है।
BLO पर दबाव, आत्महत्या के मामले चिंता का विषय
पायलट ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में BLO अत्यधिक दबाव में काम कर रहे हैं, जिसके चलते कुछ मामलों में मौत और आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पायलट के अनुसार, यह साफ संकेत है कि प्रक्रिया में किसी न किसी स्तर पर गड़बड़ी चल रही है।

चुनाव आयोग को बताया निष्पक्षता का संरक्षक
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण पूरी तरह निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। यह किसी राजनीतिक दल का काम नहीं होना चाहिए। आयोग को बिना किसी दबाव या प्रभाव के निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए ताकि लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनी रहे।
कांग्रेस चलाएगी देशव्यापी अभियान
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि गरीब, दलित, आदिवासी, बुजुर्ग या शिक्षा की कमी के कारण किसी का भी नाम मतदाता सूची से हटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी की “नाम काटने की मंशा” है, तो कांग्रेस उसे पूरा नहीं होने देगी और इसके खिलाफ देशभर में अभियान चलाया जा रहा है।
चुनाव आयोग पर लगाया विचारधारा के दबाव में काम करने का आरोप
पायलट ने चेतावनी दी कि यदि निर्वाचन आयोग सरकार या नेता के दबाव में काम करेगा, तो इसे जनता और कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वोट देना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसकी सुरक्षा आवश्यक है।









