कांग्रेस संगठन में अहम सांगठनिक बदलाव करते हुए पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित को रचनात्मक कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक बदलाव के तहत वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित को रचनात्मक कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। रचनात्मक कांग्रेस, जिसे पहले आउटरीच सेल के नाम से जाना जाता था, अब एक नए स्वरूप और विस्तृत जिम्मेदारी के साथ पार्टी की नीतिगत और वैचारिक मजबूती को सुदृढ़ करने के लिए काम करेगी।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से जारी बयान में महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस नियुक्ति की पुष्टि की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह कदम पार्टी और समाज के बीच प्रभावी संवाद बढ़ाने और नई रणनीतिक दिशा तय करने के उद्देश्य से उठाया है।
संदीप दीक्षित की जिम्मेदारियां
रचनात्मक कांग्रेस का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, सिविल सोसायटी समूहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और मुद्दा-आधारित संगठनों के साथ सीधे संवाद स्थापित करना है। इसके तहत संदीप दीक्षित को यह सुनिश्चित करना होगा कि पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों तक जमीनी हकीकत और विविध दृष्टिकोण पहुंचें।
इसके अलावा, रचनात्मक कांग्रेस के जरिए पार्टी को विभिन्न सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा और नीति निर्माण का अवसर मिलेगा। इससे न केवल नए विचारों को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि जनहित से जुड़े मामलों में ठोस रणनीति भी तैयार की जा सकेगी।

समाज से जुड़ाव और नीति निर्माण
कांग्रेस का मानना है कि रचनात्मक कांग्रेस का मंच सार्वजनिक और विशेषज्ञ राय को सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुँचाने का कार्य करेगा। इसका लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक पार्टी की पहुँच बढ़ाना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीतियां तैयार करना है। इस पहल से पार्टी को नए विचारों और सामाजिक मांगों को समझने में मदद मिलेगी।
संदीप दीक्षित के नेतृत्व में, रचनात्मक कांग्रेस पार्टी की वैचारिक रणनीति और सामाजिक संवाद का मजबूत आधार बनेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह मंच भविष्य में कांग्रेस की नीतिगत मजबूती और जनता से संवाद में अहम भूमिका निभाएगा। संदीप दीक्षित पूर्व में 15वीं लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं और उन्होंने पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।
फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में उन्होंने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि वह हार गए थे। उनके पास राजनीतिक समझ और अनुभव है, जो रचनात्मक कांग्रेस को नई दिशा देने में मदद करेगा।











