मातृत्व अवकाश के बाद बड़े पर्दे पर लौटीं सोनाली सहगल, ‘आर्यभट्ट का जीरो’ से की नई शुरुआत

अभिनेत्री सोनाली सहगल मातृत्व अवकाश के बाद फिल्मी दुनिया में वापसी कर रही हैं। वह अपनी नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ के जरिए बड़े पर्दे पर नजर आएंगी। जानें उनकी

मां बनने के बाद अभिनेत्री सोनाली सहगल अपनी पेशेवर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए नए सिरे से करियर को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, जो करीब डेढ़ साल के ब्रेक के बाद उनकी वापसी का प्रतीक है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय अभिनेत्री Sonnalli Seygall ने लगभग डेढ़ वर्ष के मातृत्व अवकाश के बाद फिल्मी दुनिया में वापसी की है। उनकी नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसी के साथ अभिनेत्री ने अपने करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत की है। सोनाली का कहना है कि मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं और अब वह अपने व्यक्तिगत जीवन तथा पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना चाहती हैं।

अभिनेत्री के अनुसार, मातृत्व ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां काम उनकी दिनचर्या का केंद्र हुआ करता था, वहीं अब परिवार और विशेष रूप से उनकी बेटी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। ऐसे में वह अब हर नए प्रोजेक्ट को स्वीकार करने से पहले उसके समय, स्थान और कार्यशैली का गंभीरता से मूल्यांकन करती हैं।

मातृत्व के बाद बदला काम को देखने का नजरिया

सोनाली सहगल का मानना है कि मां बनने के बाद किसी भी महिला के जीवन में नई जिम्मेदारियां जुड़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में उन्होंने सीमित काम किया और अधिकांश पेशेवर गतिविधियां घर से ही पूरी कीं। उनका कहना है कि अब वह केवल उन परियोजनाओं का चयन करना चाहती हैं जिनमें उन्हें संतुष्टि महसूस हो। पहले करियर के शुरुआती दौर में अवसरों और आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई तरह के प्रोजेक्ट स्वीकार किए जाते थे, लेकिन अब उनकी सोच बदल चुकी है। अब वह ऐसे काम को प्राथमिकता देती हैं जो उनकी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ संतुलित हो सके।

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि किसी प्रोजेक्ट को स्वीकार करने से पहले वह यह देखती हैं कि शूटिंग का स्थान क्या है, काम का समय कितना होगा और क्या उनकी बेटी उनके साथ रह सकती है। उनके लिए अब पेशेवर सफलता के साथ पारिवारिक उपस्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

काम और परिवार के बीच संतुलन की चुनौती

मनोरंजन उद्योग में लंबे कार्य घंटे आम बात माने जाते हैं। ऐसे में कई कलाकारों के लिए परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सोनाली ने इस विषय पर खुलकर बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ एक नियमित दिनचर्या बनाई हुई है। बेटी को सुलाना, खिलाना और रात में कहानियां सुनाना जैसे कई महत्वपूर्ण पल वह स्वयं ही साझा करना चाहती हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस कामकाजी माताओं की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझेंगे। उनके अनुसार, मनोरंजन उद्योग में ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित होनी चाहिए जो मातृत्व की जिम्मेदारियों का सम्मान करे और महिलाओं को अधिक सहयोग प्रदान करे।

‘आर्यभट्ट का जीरो’ से वापसी को लेकर उत्साहित

नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ को लेकर सोनाली काफी उत्साहित हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर लौटना उनके लिए उत्साह और घबराहट दोनों का मिश्रण है। फिल्म के प्रचार अभियान के दौरान उनकी बेटी और मां उनके साथ मौजूद रहीं, जिससे उन्हें भावनात्मक सहयोग मिला। अभिनेत्री का कहना है कि यह वापसी उनके लिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके जीवन के नए चरण का प्रतीक भी है।

मनोरंजन उद्योग के जानकारों का मानना है कि मातृत्व के बाद किसी कलाकार की वापसी दर्शकों के लिए भी प्रेरणादायक होती है, क्योंकि यह पेशेवर प्रतिबद्धता और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करती है।

पढ़ाई में भी थीं उत्कृष्ट छात्रा

फिल्म के शीर्षक में महान गणितज्ञ आर्यभट्ट का उल्लेख होने के कारण सोनाली ने अपने शैक्षणिक जीवन के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से गणित विषय पसंद था और वह पढ़ाई में अच्छी छात्राओं में गिनी जाती थीं। सोनाली ने यह भी साझा किया कि उन्होंने प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की थी। 

हालांकि उसी दौरान उन्हें सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला, जिसके बाद उन्होंने ग्लैमर और मनोरंजन की दुनिया में करियर बनाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, इस महत्वपूर्ण मोड़ पर उनकी मां ने हमेशा उनका समर्थन किया और उन्हें अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रेरित किया।

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