केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने बराक घाटी दौरे में असम की जनसांख्यिकी में अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों को समस्या बताया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराई।
Assam: केंद्रीय मंत्री और पूर्व असम के मुख्यमंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बराक घाटी से अपना चुनावी अभियान शुरू किया। इस दौरान उन्होंने असम की जनसांख्यिकी में अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों को एक गंभीर समस्या बताया और उनकी उपस्थिति से क्षेत्र की मूल आबादी पर पड़ रहे दबाव पर चिंता जताई। सोनोवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा का मकसद असम के वास्तविक नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।
सोनोवाल ने कहा कि असम के मूल निवासी अपनी भूमि, संस्कृति और संसाधनों के प्रति लंबे समय से हाशिए पर महसूस कर रहे हैं। अवैध रूप से रहने वाले लोग क्षेत्र की जनसंख्या संरचना में बदलाव ला रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आवाज कम हो रही है। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा सरकार इस असंतुलन को सुधारने और असम की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा का विकास एजेंडा
बराक घाटी में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने भाजपा सरकार के तहत हुए विकास और कनेक्टिविटी सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बराक घाटी को पिछड़ेपन से मुक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
सोनोवाल ने कहा कि बराक घाटी अब सिर्फ एक अलग-थलग क्षेत्र नहीं है, बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में उभर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में इस क्षेत्र की उपेक्षा की गई थी और अब भाजपा की सरकार ने सड़कों, रेलवे, जलमार्ग और हवाई कनेक्टिविटी में भारी निवेश किया है।
सोनोवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा परिकल्पित पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के लगभग पूर्ण होने और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में रखी गई 23,000 करोड़ रुपये की शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर की आधारशिला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बन चुका है।

रेलवे और ट्रांसपोर्ट सुधार
सोनोवाल ने बराक घाटी में रेलवे और परिवहन क्षेत्र में हुए सुधारों पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि 20 से अधिक नियमित ट्रेनें, जिनमें विस्टाडोम और राजधानी ट्रेनें शामिल हैं, अब सेवा में हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों की यात्रा आसान हुई है, बल्कि क्षेत्र का व्यापार और पर्यटन भी बढ़ रहा है।
इसके अलावा, सड़क और जलमार्गों के माध्यम से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। इन सुधारों से बराक घाटी में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सोनोवाल ने कहा कि यह सभी कदम स्थानीय नागरिकों के विकास और उनकी सुरक्षा के दृष्टिकोण से उठाए गए हैं।
असम में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
सोनोवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा की नीति केवल अवैध निवासियों पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि असम में रहने वाले सभी वास्तविक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के नागरिक—चाहे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, जैन या सिख—को हमेशा सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों की उपस्थिति क्षेत्र में मूल निवासियों की आवाज़ को दबा रही है, लेकिन भाजपा सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। सोनोवाल ने जोर दिया कि भाजपा का एजेंडा असम के स्थानीय लोगों के हित में है और इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं है।
विकास पर जोर
बराक घाटी की चुनावी सभा में सोनोवाल ने भाजपा के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने बराक घाटी को वह मान्यता और विकास अवसर दिलाए हैं, जो कांग्रेस के दशकों लंबे शासनकाल में वंचित थे। उन्होंने कहा कि विकास, कनेक्टिविटी और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा।
सोनोवाल ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य असम के व्यापक विकास की नींव रखना है। बराक घाटी, ब्रह्मपुत्र, पहाड़ियों और मैदानों को एकीकृत करना इस विकास एजेंडा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों पर भी ध्यान दिलाया।











