Assistant Professor Success Story: Security Guard से प्रोफेसर बने Sonu Suthar, 15 साल की मेहनत के बाद मिली सफलता

Sonu Suthar ने आर्थिक संघर्ष के बीच Security Guard और फैक्ट्री में काम किया। 15 साल की मेहनत के बाद 2026 में HPSC से Assistant Professor बने।

हरियाणा के सिरसा निवासी सोनू सुथार ने आर्थिक मजबूरियों के बीच सिक्योरिटी गार्ड और फैक्ट्री में काम किया। कई परीक्षाओं में असफलता के बावजूद पढ़ाई जारी रखी और 2026 में भूगोल के Assistant Professor बने।

Assistant Professor Success Story: हरियाणा के सिरसा जिले के सोनू सुथार ने आर्थिक संघर्ष और लगातार असफलताओं के बावजूद सरकारी नौकरी की तैयारी नहीं छोड़ी। परिवार की जरूरतों के लिए उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड और फैक्ट्री में काम किया, साथ ही अपनी पढ़ाई जारी रखी। करीब 15 साल की मेहनत के बाद उन्होंने HPSC की कॉलेज लेक्चरर परीक्षा पास की और 2026 में भूगोल विषय के Assistant Professor बने।

हरियाणा पुलिस भर्ती में मिली असफलता से बदली राह

सोनू सुथार हरियाणा के सिरसा जिले के कलुआना गांव से ताल्लुक रखते हैं। सरकारी नौकरी हासिल करने की उनकी कोशिशों में साल 2011 एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। उस समय उन्होंने हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था और लिखित चरणों के बाद इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चरण में सफलता नहीं मिल सकी।

यह असफलता उनके लिए काफी मुश्किल दौर लेकर आई। परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें नौकरी करनी पड़ी। उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम किया और इसके बाद एक बिस्कुट फैक्ट्री में भी मजदूरी की। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं छोड़ी। दिन में काम करने के बाद वे रात में पढ़ाई करते थे।

नौकरी के साथ M.A. और B.Ed. की पढ़ाई पूरी की

सोनू ने आर्थिक परेशानियों को अपनी पढ़ाई के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। साल 2012 से 2015 के बीच उन्होंने मास्टर्स और B.Ed. की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और साल 2016 में CTET तथा HTET दोनों परीक्षाएं पास कीं।

हालांकि, परीक्षा पास करने के बावजूद नौकरी हासिल करने का सफर आसान नहीं रहा। उसी साल वे PGT भर्ती की अंतिम चयन प्रक्रिया में जगह नहीं बना सके। बाद में उनका चयन केंद्रीय विद्यालय में एडहॉक आधार पर हुआ, जिससे उन्हें शिक्षण क्षेत्र में काम करने का अनुभव मिला।

साल 2017 में उन्होंने UGC NET भी क्वालीफाई किया। इसके बाद भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्हें सफलता नहीं मिली। साल 2019 में वे सब-इंस्पेक्टर परीक्षा में असफल रहे। हरियाणा पुलिस की परीक्षा पास करने के बाद भी किसी कारण से फिजिकल टेस्ट में शामिल नहीं हो पाए। इसी दौरान उन्होंने एक निजी कॉलेज में लेक्चरर के तौर पर काम करना शुरू किया।

लगातार असफलताओं के बावजूद तैयारी नहीं छोड़ी

सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान सोनू को कई बार निराशा का सामना करना पड़ा। साल 2023 में KVS चयन प्रक्रिया में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। इतने लंबे समय तक अलग-अलग परीक्षाओं में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

सोनू के मुताबिक, इस दौरान आसपास के लोगों की तरफ से उन्हें कई तरह के ताने भी सुनने पड़े। कुछ लोगों का मानना था कि वह सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर पाएंगे। ऐसे समय में उन्होंने खुद से एक वादा किया कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, उन्हें रुकना नहीं है।

यही सोच उनके संघर्ष का आधार बनी। नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। उनका लक्ष्य सिर्फ नौकरी हासिल करना नहीं था, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना भी था।

2024 से मिलने लगी लगातार सफलताएं

कई वर्षों के संघर्ष के बाद साल 2024 में सोनू के करियर में सकारात्मक बदलाव शुरू हुआ। उनका चयन हरियाणा PGT में हुआ। इसके बाद साल 2025 में उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग यानी HPSC की कॉलेज लेक्चरर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा पास की।

इसके बाद उन्होंने मुख्य परीक्षा की तैयारी की और 2026 में इसमें भी सफलता हासिल की। परीक्षा पास करने के बाद सोनू सुथार का चयन भूगोल विषय के Assistant Professor के पद पर हुआ।

सिक्योरिटी गार्ड और फैक्ट्री कर्मचारी के तौर पर काम करने से लेकर उच्च शिक्षा विभाग में Assistant Professor बनने तक सोनू का सफर करीब 15 साल लंबा रहा। उनकी कहानी बताती है कि आर्थिक परेशानियां, बार-बार मिलने वाली असफलताएं और लोगों के ताने किसी लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश को रोक नहीं सकते, अगर मेहनत और धैर्य लगातार बना रहे।

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