दक्षिण अफ्रीका में दो सामूहिक गोलीबारी, 28 लोगों की मौत; जोहान्सबर्ग और केप टाउन में मचा हड़कंप

दक्षिण अफ्रीका में कुछ घंटों के अंतराल में दो सामूहिक गोलीबारी में 28 लोगों की मौत हुई। जोहान्सबर्ग और केप टाउन के पास हुई घटनाओं की पुलिस जांच जारी है।

दक्षिण अफ्रीका में कुछ घंटों के भीतर दो सामूहिक गोलीबारी में 28 लोगों की मौत हो गई। जोहान्सबर्ग के पास बार में आठ बंदूकधारियों ने हमला किया, जबकि केप टाउन के पास मनोरंजन स्थल पर गोलीबारी में 10 लोग मारे गए।

जोहान्सबर्ग: दक्षिण अफ्रीका में कुछ ही घंटों के अंतराल में हुई दो अलग-अलग सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं ने देश में जारी बंदूक हिंसा को फिर चर्चा में ला दिया है। जोहान्सबर्ग के पास एक बार में आठ बंदूकधारियों ने हमला किया, जबकि केप टाउन के पास एक मनोरंजन स्थल के बाहर भी गोलीबारी हुई। ताजा पुलिस अपडेट के अनुसार, दोनों घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।

जोहान्सबर्ग के पास बार में आठ बंदूकधारियों ने किया हमला

जोहान्सबर्ग के पश्चिम में स्थित वेडेला टाउनशिप में शनिवार रात एक बार को आठ हथियारबंद हमलावरों ने निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने पहले बार के बाहर मौजूद लोगों पर गोलियां चलाईं और इसके बाद अंदर घुसकर भी फायरिंग की। इस हमले में शुरुआती तौर पर 17 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन सोमवार तक एक घायल व्यक्ति की अस्पताल में मौत के बाद मृतकों की संख्या 18 हो गई। पुलिस ने बताया कि मारे गए लोगों में 13 पुरुष और चार महिलाएं शामिल थीं, जबकि एक अन्य व्यक्ति की पहचान बाद में हुई।

हमले के दौरान हमलावरों ने दो वाहनों में आग भी लगा दी और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि अभी तक केवल चार मृतकों की पहचान हो पाई है। इनमें दो दक्षिण अफ्रीकी नागरिक और दो लेसोथो के नागरिक बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, हमले में घायल हुए लोगों का इलाज जारी है। अधिकारियों ने संदिग्धों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है।

लूट या अवैध खनन से जुड़े गैंगवार की आशंका

गौटेंग पुलिस कमिश्नर लेफ्टिनेंट जनरल टॉमी मथोम्बेनी ने कहा कि जांच में लूट की आशंका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने कुछ लोगों का सामान और मोबाइल फोन लिया था। हालांकि, पुलिस ने अवैध खनन से जुड़े समूहों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। दक्षिण अफ्रीका के कई इलाकों में बंद हो चुकी खदानों और खनन स्थलों पर अवैध खनन लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। इस गतिविधि में संगठित आपराधिक समूहों की भूमिका की भी जांच होती रही है।

उप प्रांतीय पुलिस आयुक्त मेजर जनरल फ्रेड केकाना ने इससे पहले कहा था कि यह हमला पिछले महीने हुई एक घटना का बदला भी हो सकता है। उस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और एक अन्य घायल हुआ था। पुलिस ने कहा कि उसके पास कुछ संदिग्धों की तस्वीरें और कुछ मामलों में उनके नाम भी हैं।

केप टाउन के पास दूसरी गोलीबारी, 10 की मौत

पहली घटना के कुछ घंटे बाद रविवार तड़के केप टाउन के पास एक टाउनशिप में मनोरंजन स्थल के बाहर दूसरी गोलीबारी हुई। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने वहां मौजूद लोगों पर फायरिंग की।

इस हमले में 10 लोगों की मौत हुई और 11 अन्य घायल हुए। पांच लोगों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित किया गया, जबकि पांच अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

दक्षिण अफ्रीकी पुलिस के अनुसार, हमलावरों के पास AK-47 राइफल और पिस्तौल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद सुरक्षा बलों को इलाके में तैनात किया गया और पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू की।

दोनों घटनाओं में रविवार सुबह तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस दोनों मामलों के मकसद की जांच कर रही थी।

कुछ ही दिनों में तीसरी बड़ी गोलीबारी

दक्षिण अफ्रीका में ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं जब देश में हाल के दिनों में सामूहिक गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई हैं। इससे कुछ दिन पहले डरबन के क्वामाखुथा टाउनशिप में बंदूकधारियों ने एक घर को निशाना बनाया था। उस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने देश में अवैध हथियारों और संगठित अपराध को लेकर चिंता बढ़ाई है। दक्षिण अफ्रीका लंबे समय से ऊंची हत्या दर और गैंग से जुड़ी हिंसा से जूझ रहा है।

दक्षिण अफ्रीका में बंदूक हिंसा बनी बड़ी चुनौती

करीब 6.2 करोड़ की आबादी वाले दक्षिण अफ्रीका में हर दिन लगभग 60 हत्याएं दर्ज होने का उल्लेख हालिया रिपोर्टों में किया गया है। देश में अवैध हथियारों की उपलब्धता और गैंग से जुड़ी हिंसा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है।

हाल की कई गोलीबारी की घटनाओं में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और अवैध खनन से जुड़े समूहों के बीच संघर्ष की भूमिका की जांच की गई है। हालांकि, प्रत्येक घटना के पीछे का मकसद अलग हो सकता है और पुलिस की जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने फरवरी में संगठित अपराध को लोकतंत्र, समाज और आर्थिक विकास के लिए सबसे तत्काल खतरों में से एक बताया था। सरकार ने इस साल देश के सबसे अधिक हत्या वाले क्षेत्रों में पुलिस के साथ सेना की तैनाती भी की थी, जिसका उद्देश्य सशस्त्र हिंसा को नियंत्रित करना था।

Ekurhuleni में महिलाओं की मौतों की भी जांच

जोहान्सबर्ग के पूर्व में स्थित Ekurhuleni इलाके में महिलाओं की लगातार मौतों की जांच भी चल रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, वहां कई महिलाओं के शव मिलने के बाद पुलिस अलग-अलग मामलों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

रॉयटर्स के अनुसार, पिछले दो महीनों में Ekurhuleni नगरपालिका क्षेत्र में नौ महिलाओं के शव मिलने की जानकारी सामने आई थी और कुछ मामलों में यौन हिंसा के संकेत भी मिले थे। पुलिस ने मामलों की कड़ियों की जांच के साथ-साथ अलग-अलग हत्याओं के संभावित कारणों पर भी ध्यान केंद्रित किया है।

दक्षिण अफ्रीका में सामूहिक गोलीबारी की ताजा घटनाओं और अन्य हिंसक अपराधों ने देश में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। फिलहाल जोहान्सबर्ग और केप टाउन के मामलों में पुलिस की जांच जारी है और संदिग्ध हमलावरों की तलाश की जा रही है।

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