महादेव पर बहुत भरोसा है, सब अच्छा होगा कोलकाता से सुल्तानगंज पहुंचे शिवभक्त, अब तक 47 लाख से ज्यादा कांवरिया देवघर रवाना

सावन में सुल्तानगंज से कांवर यात्रा जारी है। कोलकाता समेत कई राज्यों से शिवभक्त पहुंचे हैं। अब तक 47 लाख से ज्यादा कांवरिया देवघर के लिए रवाना हो चुके हैं।
महादेव पर बहुत भरोसा है, सब अच्छा होगा कोलकाता से सुल्तानगंज पहुंचे शिवभक्त, अब तक 47 लाख से ज्यादा कांवरिया देवघर रवाना
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भागलपुर/सुल्तानगंज: सावन के पवित्र महीने में बाबा धाम जाने वाले कांवरियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। भागलपुर के सुल्तानगंज गंगा घाट पर देश के अलग-अलग हिस्सों से शिवभक्त पहुंच रहे हैं। इनमें कोलकाता और पश्चिम बंगाल के दूसरे इलाकों से आए कांवरियों की संख्या भी काफी है। गंगा में स्नान और अजगैवीनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद श्रद्धालु कांवर में गंगाजल लेकर देवघर की लंबी पैदल यात्रा पर निकल रहे हैं।

सुल्तानगंज पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में महादेव के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। कोलकाता से आए एक शिवभक्त ने कहा, "महादेव पर बहुत भरोसा है, सब अच्छा होगा।" इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु करीब 100 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

सुल्तानगंज में गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु कांवर में जल भरते हैं। इसके बाद बाबा अजगैवीनाथ की पूजा-अर्चना कर कांवर यात्रा शुरू करते हैं। रास्ते में बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा कांवरिया पथ भक्तिमय नजर आ रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक अब तक 47 लाख से ज्यादा कांवरिया सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर के लिए रवाना हो चुके हैं। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे सावन आगे बढ़ रहा है, कांवरिया पथ पर भीड़ और बढ़ती जा रही है। कोलकाता से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन में बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी। यात्रा के दौरान कई तरह की मुश्किलें आती हैं, लेकिन महादेव में आस्था उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है। किसी के लिए यह पहली कांवर यात्रा है तो कई श्रद्धालु वर्षों से इस यात्रा में शामिल होते आ रहे हैं।

कांवरियों के लिए सुल्तानगंज का गंगा घाट यात्रा का पहला बड़ा पड़ाव है। यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। कई कांवरिया रात में ही घाट पहुंच जाते हैं और सूर्योदय से पहले गंगा स्नान कर जल भरते हैं। इसके बाद पूजा-अर्चना करके देवघर की ओर रवाना होते हैं।

सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं कांवरियों के लिए पानी, शरबत, फल, भोजन और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के आराम के लिए पंडाल और विश्राम स्थल भी बनाए गए हैं।

कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालु आमतौर पर पैदल ही बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। रास्ते में कांवर को जमीन पर रखने से बचने की धार्मिक परंपरा का भी पालन किया जाता है। इसी वजह से कांवरिया पथ पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

सुल्तानगंज से निकलने के बाद श्रद्धालु देवघर की ओर बढ़ते हैं। रास्ते में बोल बम, हर-हर महादेव और जय बाबा बैद्यनाथ के जयकारे लगातार सुनाई देते हैं। भगवा कपड़ों में कांवरियों की कतारें कई किलोमीटर तक दिखाई देती हैं।

प्रशासन ने भी कांवरियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कांवरिया पथ पर भी निगरानी रखी जा रही है।

कांवरियों की सहायता के लिए मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। लंबी पैदल यात्रा के दौरान थकान, पैरों में छाले और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए जगह-जगह चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कई श्रद्धालु अपने परिवार और दोस्तों के साथ यात्रा पर आए हैं। वहीं बड़ी संख्या में ऐसे कांवरिया भी हैं जो अकेले या छोटे समूहों में सुल्तानगंज पहुंचे हैं। अलग-अलग राज्यों और शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण कांवर यात्रा का स्वरूप और भी व्यापक हो गया है।

कोलकाता से आए शिवभक्तों ने बताया कि यात्रा भले ही कठिन हो, लेकिन बाबा के दर्शन की इच्छा सारी थकान दूर कर देती है। उनके अनुसार, "महादेव पर भरोसा है, रास्ते की सारी मुश्किलें अपने आप आसान हो जाएंगी।"

सुल्तानगंज में कांवरियों की बढ़ती संख्या से स्थानीय कारोबार को भी गति मिल रही है। पूजा सामग्री, कांवर, भगवा कपड़े, खाने-पीने की चीजों और यात्रा से जुड़े सामान की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। स्थानीय दुकानदारों के लिए सावन का महीना कारोबार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

कांवरिया पथ पर इस समय धार्मिक उत्साह के साथ सेवा भावना भी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग श्रद्धालुओं को पानी पिलाने से लेकर उनके पैरों की सेवा तक कर रहे हैं। कई जगहों पर स्वयंसेवक रास्ते में सफाई और यातायात व्यवस्था में भी सहयोग कर रहे हैं।

सावन में सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा को देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा जल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने पहुंचते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को लगातार बनाए रखने की चुनौती है।

फिलहाल 47 लाख से अधिक कांवरियों के देवघर रवाना होने के बाद यात्रा का उत्साह चरम पर है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक पूरा मार्ग बोल बम के जयकारों से गूंज रहा है और शिवभक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

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