सरदारपुरा थाने के कॉन्स्टेबल ऋषभ सौउ और उसके साथियों ने वर्दी की आड़ में युवकों से लूट की थी। पुलिस ने 6 महीने की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पहले चार आरोपियों को बर्खास्त किया जा चुका था।
Rajasthan: जानकारी के अनुसार सरदारपुरा थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर ऋषभ सौउ ने अपने सहयोगी भूपेंद्र और अन्य चार पूर्व पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। इस घटना में शामिल थे राकेश, नरसिंह राम, जगमालराम और लादूराम। सभी को पहले बर्खास्त कर दिया गया था।
ऋषभ को वारदात से तीन दिन पहले ही कंप्यूटर ऑपरेटर की जगह से हटाकर थाने में संतरी लगाया गया था। इसके बावजूद उसने अपने साथी पूर्व पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया।
युवकों से लूट की घटना
14 जुलाई को नांदड़ी निवासी दिलीप गौड़ और उसके दोस्त रमेश शर्मा शॉपिंग के लिए निकले थे। आरोपियों ने उन्हें थाने में ले जाकर धमकाया और पैसे की मांग की। पहले उनकी जेब से 50-50 हजार रुपए निकाले।

इसके बाद एक युवक के एटीएम कार्ड से 1 लाख रुपए निकालवाए और अपने परिचित के स्कैनर से 10 हजार क्रिप्टो ट्रांसफर करवाए। युवकों ने गिड़गिड़ाया, लेकिन आरोपियों ने नहीं सुना। घटना के चौथे दिन पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
कैमरे बंद करने की कोशिश
आरोपियों ने अपने बचाव के लिए थाने के कैमरे भी बंद करवा दिए। बावजूद इसके, थाने के बाहर लगे पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर के कैमरों में पूरे मामले की रिकॉर्डिंग मिल गई। इसमें स्पष्ट रूप से दिखा कि एक पुलिस की वर्दी में आरोपी और चार अन्य आरोपियों ने युवकों को थाने में ले जाते समय देखा गया। पुलिस के आला अधिकारियों की मॉनिटरिंग और एसीपी (प्रशिक्षु आईपीएस) हेमंत कलाल की देखरेख में सबूत जुटाए गए।
आगे की कार्रवाई
महामंदिर थाना पुलिस ने लंबी जांच और छह महीने की मेहनत के बाद सरदारपुरा थाने के कॉन्स्टेबल और इनामी आरोपी ऋषभ सौउ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि अब आरोपी के खिलाफ डकैती, जबरन वसूली और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले इस मामले में चार अन्य पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था, जो वारदात में शामिल थे।
ऋषभ सौउ की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की साजिश और घटनाक्रम का सच सामने आया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से पीड़ित युवकों के न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी और अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाई जाएगी।











