मेरठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की उठाई मांग

मेरठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गविष्टि यात्रा के दौरान गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की और गोसंरक्षण पर बड़ा संदेश दिया।

मेरठ में गविष्टि यात्रा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने गोसंरक्षण को जनआंदोलन बनाने की बात कही और श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए।

मेरठ: ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेरठ पहुंचकर गोसंरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। गविष्टि यात्रा के दौरान उन्होंने गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग करते हुए इसके लिए व्यापक जनजागरण और आंदोलन की आवश्यकता बताई। इस दौरान उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

गविष्टि यात्रा के साथ मेरठ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गुरुवार को गविष्टि यात्रा के तहत मेरठ पहुंचे। कमिश्नरी चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक मौजूद रहे। यहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए गोसंरक्षण के महत्व पर जोर दिया और गाय को भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र बताया।

मेरठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की उठाई मांग

उन्होंने कहा कि देश में गाय के संरक्षण और सम्मान को लेकर व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। उनके अनुसार, गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की दिशा में समाज को संगठित होकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने लोगों से गोसंरक्षण के लिए संकल्प लेने का भी आह्वान किया।

गोसंरक्षण को लेकर दिया बड़ा संदेश

अपने संबोधन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जिस प्रकार मेरठ की धरती से वर्ष 1857 में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई थी, उसी प्रकार गोमाता की रक्षा और सम्मान के लिए भी बड़े स्तर पर जनआंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय परंपरा, संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान के संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गाय को विशेष सम्मान और संवैधानिक पहचान मिलनी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उन्होंने गोसंरक्षण के प्रति जागरूक रहने और इस विषय को समाज में प्रमुखता से उठाने की अपील की।

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को लेकर भी उठाए सवाल

मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के गठन और उससे संबंधित कुछ प्रक्रियाओं को लेकर धर्माचार्यों के स्तर पर चर्चा और समीक्षा होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विषय ऐसे हैं जिनकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उनके अनुसार, धर्माचार्यों और शंकराचार्यों की एक समिति बनाकर संबंधित मामलों की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि सभी तथ्यों को स्पष्ट रूप से सामने लाया जा सके।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों ने गोसंरक्षण और गौसेवा से जुड़े संदेशों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

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