टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आने वाले महीनों में चयन समिति संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी।
Tata Sons New Chairman: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारियां तेज हो गई हैं। एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होने वाला है। इससे पहले टाटा ट्रस्ट्स नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल के अंत तक नए चेयरमैन के नाम का ऐलान होने की संभावना है। संभावित दावेदारों में टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी. वी. नरेंद्रन और टाटा पावर के सीईओ एवं एमडी प्रवीर सिन्हा जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं।
नए चेयरमैन की तलाश क्यों हुई तेज?
टाटा संस टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और समूह की रणनीतिक दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका है। ऐसे में चेयरमैन का पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समूह के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण पद माना जाता है। एन चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है। ऐसे में उत्तराधिकारी की पहचान और चयन के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध होने के बावजूद प्रक्रिया को पहले शुरू किया जा रहा है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स इस साल के अंत तक नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। हालांकि, अभी किसी उम्मीदवार को आधिकारिक रूप से शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

टी. वी. नरेंद्रन और प्रवीर सिन्हा के नाम चर्चा में
नए चेयरमैन की संभावित दौड़ में टाटा समूह के अनुभवी अधिकारियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनमें टी. वी. नरेंद्रन का नाम प्रमुखता से सामने आया है। नरेंद्रन टाटा स्टील के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और लंबे समय से समूह से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा प्रवीर सिन्हा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में बताया जा रहा है। वह टाटा पावर के सीईओ और एमडी हैं।
हालांकि, इन नामों को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। चयन समिति औपचारिक रूप से बनने के बाद टाटा समूह के भीतर और बाहर मौजूद कई संभावित उम्मीदवारों के प्रोफाइल पर विचार कर सकती है।
डेढ़ से दो महीने में पूरी हो सकती है प्रक्रिया
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, चयन समिति के औपचारिक गठन के बाद नए चेयरमैन की तलाश में करीब डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है। इसका अर्थ है कि यदि प्रक्रिया समय पर शुरू होती है तो 2026 के अंत तक उत्तराधिकारी का नाम तय किया जा सकता है। हालांकि, चेयरमैन का चयन केवल उम्मीदवारों की योग्यता पर निर्भर नहीं होगा। टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका भी इस प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण होगी।
टाटा संस के शेयरहोल्डिंग और गवर्नेंस स्ट्रक्चर में टाटा ट्रस्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। नए चेयरमैन के चयन के लिए चयन समिति के गठन और उसके सदस्यों को अंतिम रूप देने में प्रमुख टाटा ट्रस्ट्स की भागीदारी जरूरी मानी जा रही है। इनमें सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) प्रमुख हैं। हालांकि, SRTT से संबंधित एक कानूनी और प्रशासनिक विवाद के कारण प्रक्रिया पर संभावित असर को लेकर भी चर्चा है।
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के एक निर्देश के बाद ट्रस्ट की बैठकों को लेकर स्थिति जटिल हुई थी। टाटा ट्रस्ट्स ने पहले इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह निर्देश एकतरफा जारी किया गया और संबंधित ट्रस्ट को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।












