टाटा स्टील के शेयर 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचे। Motilal Oswal ने BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 240 रुपये का टारगेट दिया है। मजबूत घरेलू मांग और बेहतर तिमाही नतीजों के कारण स्टॉक में तेजी जारी है।
Stock Market: टाटा ग्रुप की मेटल कंपनी Tata Steel के शेयर गुरुवार को मजबूती के साथ खुले और 52 हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए। बीएसई पर शेयर करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 211.35 रुपये पर खुला। हालांकि बाजार खुलने के बाद इसमें हल्की गिरावट भी देखने को मिली।
इस दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,480.60 पर कारोबार कर रहा था। बाजार में हल्की कमजोरी के बावजूद Tata Steel के शेयरों में हाल के दिनों में अच्छी तेजी बनी हुई है। पिछले एक महीने में स्टॉक 10 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है।
शेयर में जारी इस मजबूती के बीच ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने कंपनी पर सकारात्मक रुख दोहराया है और आगे भी बढ़त की संभावना जताई है।
टारगेट प्राइस ₹240, करीब 15 प्रतिशत अपसाइड
Motilal Oswal ने Tata Steel पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 240 रुपये कर दिया है। मौजूदा स्तर से देखें तो इसमें लगभग 15 प्रतिशत तक की संभावित तेजी की गुंजाइश बनती है।
कंपनी का शेयर बुधवार को 209 रुपये पर बंद हुआ था। हाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो तीन महीने में स्टॉक करीब 20 प्रतिशत चढ़ा है। छह महीने में इसमें लगभग 30 प्रतिशत की तेजी आई है।
एक साल में शेयर ने 53 प्रतिशत रिटर्न दिया है। तीन साल के नजरिए से देखें तो स्टॉक ने लगभग 85 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। बीएसई पर कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 2,59,530 करोड़ रुपये है। 52 हफ्तों का निचला स्तर 124.20 रुपये रहा है, जबकि उच्च स्तर 211.35 रुपये है।
घरेलू मांग से मिल रहा सहारा
ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी के प्रति उनका सकारात्मक नजरिया मजबूत घरेलू मांग पर आधारित है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल और निर्माण क्षेत्र में स्टील की मांग बढ़ रही है। इसका सीधा फायदा Tata Steel जैसी बड़ी कंपनियों को मिल सकता है।
कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। मौजूदा योजना के तहत उत्पादन क्षमता को वित्त वर्ष 2025 में 2.65 करोड़ टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2031 तक 4 करोड़ टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य है।
ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे-जैसे क्षमता बढ़ेगी, मांग में तेजी के दौरान कंपनी की कमाई भी बेहतर होगी।
सेफगार्ड ड्यूटी और वैश्विक हालात का असर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सेफगार्ड ड्यूटी से घरेलू स्टील कीमतों को सहारा मिल रहा है। इसके अलावा कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म यानी CBAM और चीन की सप्लाई से जुड़े हालात भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
यदि वैश्विक स्तर पर सप्लाई सीमित रहती है और घरेलू मांग मजबूत बनी रहती है, तो स्टील कंपनियों के लिए प्राइसिंग पावर बेहतर हो सकती है। इससे मार्जिन में सुधार की संभावना बनती है।
यूरोप में कंपनी के कारोबार में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो Tata Steel की कंसॉलिडेटेड परफॉर्मेंस और मजबूत हो सकती है।
तिमाही नतीजों में जोरदार उछाल
कंपनी के ताजा तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब सात गुना से ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने इस तिमाही में 2,688.7 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 326.64 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर करीब 723 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
इस उछाल की बड़ी वजह प्रॉफिट मार्जिन में सुधार है। जहां पिछले साल मार्जिन 0.55 प्रतिशत था, वहीं इस बार यह बढ़कर 4.79 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि सितंबर तिमाही की तुलना में मुनाफे में 13.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछली तिमाही में कंपनी ने 3,101.75 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।








