टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू, उन्नाव में डिवाइडर से भिड़ी, हादसे में 4 की मौत

टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू, उन्नाव में डिवाइडर से भिड़ी, हादसे में 4 की मौत

उन्नाव के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई। हादसे में चार लोगों की मौत हुई, जिसमें गाजियाबाद के अशोक, अभिनव और आकाश अग्रवाल शामिल हैं। तेज रफ्तार और कोहरे ने हादसे को गंभीर बनाया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से जांच कर रही है।

Uttar pradesh: फॉर्च्यूनर (UP14 GB 2220) में चार लोग गाजियाबाद से लखनऊ की तरफ जा रहे थे। कार में अशोक अग्रवाल, उनके भाई अभिनव अग्रवाल और आकाश सवार थे। चौथे व्यक्ति की पहचान अभी की जा रही है। हादसे के समय कार की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जा रही थी।

अचानक कार का टायर फट गया और फॉर्च्यूनर बेकाबू होकर एक्सप्रेस-वे के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और छत उड़ गई। बोनट पिचक कर ड्राइविंग सीट तक पहुँच गया। हादसे में एक व्यक्ति का चेहरा आधा क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं ड्राइविंग सीट के बगल बैठे युवक की गर्दन टूट गई।

हादसे के बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज आई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए।

मृतकों की जानकारी 

पुलिस ने मृतकों की पहचान की है। तीन मृतकों के नाम हैं: अशोक अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल और आकाश। चौथे व्यक्ति की शिनाख्त की जा रही है। सभी गाजियाबाद के रहने वाले थे। मृतकों के परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे का मुख्य कारण टायर फटना है। हालांकि, हादसे के दौरान घना कोहरा भी था, जिससे विजिबिलिटी कम थी। इसके अलावा, डिवाइडर से टक्कर के साथ-साथ यह भी संदेह है कि किसी अन्य वाहन से टकराने का एंगल भी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं किसी कार ने पीछे से टक्कर तो नहीं मारी।

पुलिस की जांच

पुलिस ने एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। इसके अलावा, घटनास्थल से एक गत्ता भी बरामद हुआ है, जिसमें कई मोमेंटो रखे हुए थे। इसके आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि कार सवार किसी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।

हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे को आंशिक रूप से बहाल किया गया। क्रेन की मदद से कार के मलबे को हटाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे में कितने कारक शामिल थे और दुर्घटना को रोकने के लिए क्या किया जा सकता था।

हादसे के कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और खराब मौसम (घना कोहरा) ने इस हादसे को और भी खतरनाक बना दिया। एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालक को टायर और ब्रेक जैसी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच करनी चाहिए। इसके अलावा, दुर्घटनाओं के दौरान आसपास के लोगों और ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका भी अहम होती है।

पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि हादसे वाले मार्ग पर सतर्क रहें और तेज गति से वाहन न चलाएं। एक्सप्रेस-वे पर ओवरटेक करते समय और मोड़ पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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