Telugu Desam Party (TDP) ने अपनी प्रमुख बैठक ‘महानाडू’ में बड़ा ऐलान करते हुए महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने का फैसला किया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री Nara Lokesh ने प्रस्ताव रखा कि 2029 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन और चुनावी ढांचे में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा।
अमरावती: तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने अपने वार्षिक सम्मेलन ‘महानाडू 2026’ में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा करते हुए कहा है कि 2029 के आम चुनावों में पार्टी महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देगी। इस ऐलान को भारतीय राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री नारा लोकेश ने यह प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि TDP अब संगठनात्मक और चुनावी दोनों स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देना चाहती है।
महिलाओं की भागीदारी पर बड़ा राजनीतिक संदेश

नारा लोकेश ने कहा कि यह फैसला केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि पार्टी की दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है। उनके अनुसार, TDP राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देकर एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33% टिकट देने का निर्णय पार्टी के भीतर नेतृत्व और अवसरों को समान रूप से वितरित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
इस वर्ष महानाडू सम्मेलन का मुख्य विषय ‘स्त्री शक्ति’ रखा गया है। इसी थीम के तहत यह घोषणा की गई, जिसे महिलाओं के सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक वैचारिक प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कदम सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर महिलाओं को नेतृत्व देने की ठोस नीति का हिस्सा है।
राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में कदम
TDP का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश में लंबे समय से महिला आरक्षण विधेयक पर राजनीतिक बहस जारी है। संसद में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कई दलों ने अलग-अलग रुख अपनाया है। TDP ने इस घोषणा के जरिए संकेत दिया है कि वह केवल कानून या केंद्रीय नीति का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि अपने स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला अन्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों पर भी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का दबाव बना सकता है। TDP ने पिछले कुछ समय में संगठनात्मक ढांचे में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। हाल ही में पार्टी ने सांसद बायरेड्डी शबरी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है, जो पार्टी में किसी महिला को दिया गया एक महत्वपूर्ण पद है।
इस कदम को पार्टी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में अधिक अवसर देने की कोशिश की जा रही है।











