पश्चिम बंगाल पुलिस ने TMC नेता जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ कई FIR दर्ज थीं। आरोप है कि उनके समर्थकों ने महिलाओं को धमकियां दी थीं। पुलिस उन्हें कोलकाता ले जा रही है और जांच जारी है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार को नेपाल बॉर्डर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी उस समय की गई जब वे देश छोड़कर नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल उन्हें कोलकाता लाया जा रहा है, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।
यह कार्रवाई दक्षिण 24 परगना जिले के फालता इलाके में दर्ज कई आपराधिक मामलों के बाद की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जहांगीर खान के खिलाफ कुल सात FIR दर्ज थीं, जिनमें गंभीर आरोप शामिल हैं।
महिलाओं को धमकी देने के आरोप, जांच जारी
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जहांगीर खान के समर्थकों पर चुनावी माहौल के दौरान महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच चल रही है और सभी आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब पूछताछ से कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
चुनावी पृष्ठभूमि और फालता सीट विवाद
जहांगीर खान ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फालता सीट से टीएमसी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। यह सीट लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके चलते 21 मई को इस सीट पर दोबारा मतदान कराया गया। मतदान से ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने अचानक चुनावी मैदान छोड़ने और अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी थी।
नतीजों के बाद से गायब थे जहांगीर खान
24 मई को चुनाव परिणाम घोषित हुए, जिसमें जहांगीर खान को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए।
रिपोर्टों के अनुसार, न तो वे अपने घर पर दिखाई दिए और न ही पार्टी कार्यालय में। उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति 19 मई को दर्ज की गई थी, जब उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव से हटने का ऐलान किया था।

हाईकोर्ट में याचिका और कानूनी लड़ाई
मई 2026 में जहांगीर खान ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी मांगी और गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की थी।
उनका आरोप था कि उनके खिलाफ लगातार नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इससे पहले 2019 के एक मामले में उन्हें अदालत से सुरक्षा मिली थी, लेकिन बाद में यह सुरक्षा हटा ली गई थी।
‘पुष्पा’ स्टाइल प्रचार से चर्चा में आए थे नेता
चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान अपने अनोखे प्रचार शैली के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह प्रस्तुत किया था और कई रैलियों में “पुष्पा झुकेगा नहीं साला” जैसे डायलॉग बोले थे।
उनका यह प्रचार शैली सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई थी, हालांकि बाद में यह विवादों में भी घिर गई।
चुनाव में बड़ा उलटफेर, भारी अंतर से जीत
फालता विधानसभा सीट पर इस बार बड़ा चुनावी उलटफेर देखने को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार ने भारी अंतर से जीत दर्ज की।
चुनाव परिणाम में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को केवल 7,783 वोट मिले और वे चौथे स्थान पर रहे। यह परिणाम उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
मतदान प्रक्रिया पर विवाद और जांच
फालता सीट पर मतदान के दौरान कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। कुछ बूथों पर EVM से छेड़छाड़ और वेब कैमरों की फुटेज में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए थे।
निर्वाचन अधिकारियों ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और कम से कम 60 बूथों में गड़बड़ी के संकेत मिलने की बात सामने आई थी। हालांकि, इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चिंताएं
इस पूरे मामले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया था। चुनाव के दौरान हिंसा और धमकियों के आरोपों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया था।
अब जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो।











