पटना में आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई AK-47 फायरिंग और पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठा रहे हैं कि छात्रों के आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग की जरूरत क्यों पड़ी और इसके पीछे आदेश किसका था। मार्च को देखते हुए पटना के डाकबंगला चौराहे समेत प्रमुख इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। (jagran.com)
राजद की ओर से पहले मार्च का कार्यक्रम पार्टी कार्यालय से राजभवन तक प्रस्तावित किया गया था, लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव किया गया। अब मार्च 19 अगस्त की सुबह 10 बजे जेपी गोलंबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। तेजस्वी यादव ने राजद के नेताओं, सांसदों और विधायकों से इसमें शामिल होने की अपील की है। (navbharattimes.indiatimes.com)
मार्च का मुख्य मुद्दा सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग है। इस घटना के वीडियो सामने आने के बाद एक पुलिस जवान को AK-47 से फायरिंग करते देखा गया था। बाद में जवान की पहचान अभिषेक पटेल के रूप में हुई और उसे निलंबित किया गया। तेजस्वी यादव का आरोप है कि केवल एक जवान को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है और इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। (timesnowhindi.com)
तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका सवाल है कि जब देश में इससे पहले भी कई बड़े आंदोलन हुए हैं तो छात्रों के प्रदर्शन के दौरान AK-47 जैसी राइफल से फायरिंग की स्थिति क्यों बनी। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि आखिर इस घटना के लिए आदेश किस स्तर से दिया गया था और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। (abplive.com)
तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि सीवान की घटना में घायल हुए छात्रों से उन्होंने पटना में मुलाकात की थी और उनकी मदद की थी। उनका आरोप है कि सरकार के बड़े नेताओं ने घायल छात्रों से मिलने की जरूरत तक नहीं समझी। तेजस्वी इस मुद्दे को छात्र अधिकार, पुलिस कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर उठा रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से घटना को लेकर अलग तथ्य और दावे सामने रखे गए हैं।
सीवान प्रशासन की ओर से पहले कहा गया था कि AK-47 से जवान ने भीड़ की ओर नहीं बल्कि हवाई फायरिंग की थी और AK-47 की गोली से कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। प्रशासन ने तीन युवकों के घायल होने की अलग से जांच की बात कही थी। इस विरोधाभास के कारण घटना की जांच और उसके बाद की कार्रवाई राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। (timesnowhindi.com)
इसी बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। आदेश के अनुसार ऐसे हथियारों का इस्तेमाल उग्रवाद, आतंकवाद और बड़े अपराधियों से जुड़े मामलों तक सीमित रहेगा। तेजस्वी के प्रस्तावित मार्च से पहले इस फैसले को भी राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (amarujala.com)
आज होने वाले मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। डाकबंगला चौराहा शहर का महत्वपूर्ण ट्रैफिक प्वाइंट है, इसलिए किसी बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान यहां अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत पड़ती है। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने पर यातायात को नियंत्रित करने और भीड़ को निर्धारित मार्ग पर रखने के लिए पुलिस बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाएं कर सकती है।
तेजस्वी यादव ने मार्च को केवल राजद का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के सवालों से जुड़ा आंदोलन बताया है। राजद की ओर से बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई है। पार्टी का प्रयास है कि सीवान फायरिंग के मुद्दे को राज्यव्यापी राजनीतिक बहस बनाया जाए और सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ाया जाए।
राजद प्रमुख लालू यादव ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक हमला बोला और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए। लालू यादव का बयान भी इस आंदोलन को व्यापक राजनीतिक मुद्दे से जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, मार्च से पहले तेजस्वी यादव ने पुलिस की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग की आशंका भी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को पटना आने से रोका जा रहा है और आशंका जताई कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। (navbharattimes.indiatimes.com)
सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में सीवान की घटना को लेकर अलग दावा किया गया है। सरकार ने कहा है कि पुलिस ने अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं किया और AK-47 से हुई फायरिंग में कोई छात्र घायल नहीं हुआ। उसके अनुसार जवान ने चार राउंड हवाई फायरिंग की थी। इस मामले में बड़ी संख्या में FIR दर्ज होने और गिरफ्तारियों का भी जिक्र किया गया है। (navbharattimes.indiatimes.com)
ऐसे में आज का राजभवन मार्च राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ राजद सीवान फायरिंग को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो दूसरी तरफ सरकार और प्रशासन घटना के तथ्यों को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। मार्च के दौरान तेजस्वी यादव राज्यपाल के सामने छात्रों की सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और घटना में जिम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दे उठा सकते हैं।
पटना में प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है। जेपी गोलंबर से लेकर राजभवन की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस की अतिरिक्त निगरानी रहेगी। भीड़ बढ़ने की स्थिति में कुछ मार्गों पर यातायात को डायवर्ट किया जा सकता है। आम लोगों को आज शहर में निकलते समय वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखने की जरूरत पड़ सकती है।
राजद के इस आंदोलन के पीछे छात्र और युवा मुद्दों को राजनीतिक केंद्र में लाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। हाल के दिनों में बिहार में छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का मार्च सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।
सीवान की घटना में एक पुलिस जवान के निलंबन के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ है। विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा है कि क्या केवल निचले स्तर के एक जवान पर कार्रवाई करके मामले को खत्म किया जा सकता है। तेजस्वी यादव का कहना है कि गोली चलाने के आदेश और पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी की जांच होनी चाहिए।
दूसरी ओर, प्रशासन के सामने चुनौती यह भी है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और किसी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। पटना पुलिस ने प्रदर्शन से पहले संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है। पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों और आम लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बना रहे।
आज का मार्च बिहार की राजनीति में छात्र मुद्दों और कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया राजनीतिक टकराव पैदा कर सकता है। तेजस्वी यादव इस मौके को सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करेंगे, जबकि सरकार की ओर से सीवान घटना के तथ्यों और पुलिस कार्रवाई का अपना पक्ष रखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 फायरिंग के विवाद को लेकर तेजस्वी यादव आज पटना में राजभवन मार्च करेंगे। मार्च अब जेपी गोलंबर से शुरू होने की जानकारी है और इसे लेकर पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। तेजस्वी यादव घटना में जिम्मेदारी तय करने और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। वहीं, प्रशासन और सरकार का दावा है कि AK-47 से हवाई फायरिंग हुई थी और उससे कोई छात्र घायल नहीं हुआ। ऐसे में आज का मार्च बिहार की सियासत के साथ-साथ सीवान गोलीकांड की जांच और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










