तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को अमेरिका दौरे की अनुमति नहीं, लंदन से हैदराबाद लौटेंगे

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को अमेरिका दौरे की केंद्र से मंजूरी नहीं मिली। वह 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे, जबकि अधिकारी US में MoU आगे बढ़ाएंगे।

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को अमेरिका दौरे के लिए केंद्र सरकार से अनुमति नहीं मिली। इसके बाद वह 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को हार्वर्ड, MIT और अन्य संस्थानों के साथ प्रस्तावित MoU और साझेदारी समझौते आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाले तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका दौरे के लिए केंद्र सरकार से अनुमति नहीं मिली है। विदेश मंत्रालय ने राजनीतिक आधार पर अमेरिका यात्रा की मंजूरी देने से इनकार किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री 23 अगस्त को लंदन से सीधे हैदराबाद लौटेंगे और उनका प्रस्तावित बोस्टन एवं न्यूयॉर्क दौरा रद्द हो गया है।

हालांकि, रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को अमेरिका में प्रस्तावित कार्यक्रम आगे बढ़ाने और वहां के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन यानी MoU तथा साझेदारी समझौते करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक जैसे संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर काम किया जाना था।

केंद्र ने अमेरिका दौरे की राजनीतिक मंजूरी देने से किया इनकार

तेलंगाना सरकार ने तय प्रोटोकॉल और नीति के तहत मुख्यमंत्री तथा आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के ब्रिटेन और अमेरिका दौरे के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी। सरकार को ब्रिटेन यात्रा की मंजूरी मिल गई, लेकिन अमेरिका यात्रा को अनुमति नहीं दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र की ओर से अमेरिका यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दिए जाने की जानकारी उस समय दी गई, जब मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन पहुंच चुका था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अमेरिका जाने के बजाय लंदन से भारत लौटने का फैसला किया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तेलंगाना सरकार वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों और कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए हैदराबाद को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, कौशल और ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रही है।

रेवंत रेड्डी बोले- युवाओं के भविष्य से ऊपर राजनीति नहीं

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका दौरे का मुख्य उद्देश्य दुनिया के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को तेलंगाना और हैदराबाद से जोड़ना था।

उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश युवाओं को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों से शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र निर्माण और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम किया जाना चाहिए।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका लक्ष्य दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों को भारत में लाना है, ताकि देश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण वैश्विक शिक्षा के अवसर अपने देश में ही मिल सकें।

अधिकारियों को अमेरिका दौरा जारी रखने के निर्देश

अमेरिका जाने की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यक्रम पर काम जारी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अमेरिका में संबंधित संस्थानों के साथ प्रस्तावित MoU और साझेदारी समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ें।

इस योजना का उद्देश्य तेलंगाना में उच्च शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और वैश्विक अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार चाहती है कि दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी के जरिए हैदराबाद को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर ये साझेदारियां आगे बढ़ती हैं तो तेलंगाना के छात्रों और युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर मिल सकते हैं।

हैदराबाद को ग्लोबल नॉलेज हब बनाने की योजना

रेवंत रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद पहले से ही शिक्षा और मानव संसाधन के क्षेत्र में मजबूत आधार रखता है। उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने शहर को उच्च गुणवत्ता वाले मानव संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने हैदराबाद पब्लिक स्कूल का भी उदाहरण दिया और कहा कि इस संस्थान से निकले लोगों ने वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

इसके अलावा IIT हैदराबाद, ISB, IIIT हैदराबाद और NALSAR जैसे संस्थानों ने भी शहर की शैक्षणिक और तकनीकी पहचान को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि अब इसी आधार पर हैदराबाद को दुनिया के प्रमुख शिक्षा और कौशल केंद्रों में शामिल करने की दिशा में काम किया जाएगा।

ब्रिटेन दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा

अमेरिका यात्रा रद्द होने के बावजूद रेवंत रेड्डी का ब्रिटेन दौरा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री लंदन में दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

प्रस्तावित कार्यक्रम में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, लंदन बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से जुड़े शिक्षाविदों एवं अधिकारियों के साथ बातचीत शामिल है।

इन बैठकों का उद्देश्य तेलंगाना के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर तलाशना है। इसके साथ ही कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में नई साझेदारियों को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

खेल और कौशल संस्थानों से भी होगी बातचीत

मुख्यमंत्री के ब्रिटेन कार्यक्रम में केवल उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेल और कौशल विकास से जुड़े संस्थानों के साथ बैठकें भी शामिल हैं। तेलंगाना सरकार इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहती है।

राज्य सरकार की योजना खेल प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार योग्य शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्रों के क्षेत्र में नए अवसर तैयार करने की है। इसके जरिए तेलंगाना के युवाओं को वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

हार्वर्ड और MIT जैसी संस्थाओं से साझेदारी का लक्ष्य

अमेरिका दौरे की योजना में दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ संपर्क और सहयोग प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, MIT, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी के जरिए तेलंगाना सरकार शिक्षा और कौशल विकास में अंतरराष्ट्रीय मानकों को बढ़ावा देना चाहती है।

प्रस्तावित सहयोग में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों की संभावनाएं तलाशी जानी थीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अमेरिका में इन प्रयासों को आगे बढ़ाने को कहा है, ताकि उनका प्रस्तावित दौरा भले ही न हो सके, लेकिन संस्थागत स्तर पर बातचीत और साझेदारी की प्रक्रिया प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री का बड़ा लक्ष्य- विदेश जाने के बजाय दुनिया को हैदराबाद लाना

रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका दीर्घकालिक लक्ष्य है कि हैदराबाद ऐसा वैश्विक शहर बने, जहां भारतीय छात्रों को दुनिया के शीर्ष संस्थानों से शिक्षा और प्रमाणपत्र हासिल करने के अवसर मिलें।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को विदेश भेजने के बजाय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक और कौशल संस्थानों को भारत में लाने की दिशा में काम करना है। उनके अनुसार, इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा हासिल करने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने इसे तेलंगाना के भविष्य और भारत के विकास से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षा और कौशल में वैश्विक सहयोग देश की युवा आबादी के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।

केंद्र-राज्य संबंधों के बीच राजनीतिक संदेश

अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं मिलने का मामला केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक मतभेदों को भी चर्चा में ला सकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्र के फैसले का पालन करने का निर्णय लिया है, लेकिन उन्होंने साथ ही अधिकारियों को अमेरिका में प्रस्तावित साझेदारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल रेवंत रेड्डी अपने ब्रिटेन दौरे को जारी रखेंगे और 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटने की योजना है। अमेरिका में प्रस्तावित बैठकों और MoU को अधिकारी किस तरह आगे बढ़ाते हैं, यह अब तेलंगाना की वैश्विक शिक्षा और कौशल साझेदारी योजना के लिए महत्वपूर्ण होगा।

कुल मिलाकर, अमेरिका यात्रा की राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद तेलंगाना सरकार ने अपने शिक्षा और कौशल विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री का फोकस अब ब्रिटेन में शीर्ष विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने तथा अमेरिका में प्रस्तावित साझेदारियों को अधिकारियों के जरिए आगे बढ़ाने पर है।

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