भारत में Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगने के बाद यूजर्स वैकल्पिक तरीकों की तलाश कर रहे हैं। इसी बीच VPN डाउनलोड और रजिस्ट्रेशन में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों की बढ़ती रुचि साफ दिखाई दे रही है।
Tech: Telegram Ban के बाद भारत में बड़ी संख्या में यूजर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार VPN सेवाओं के डाउनलोड और उपयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। NEET पुनर्परीक्षा से पहले उठाए गए इस कदम के बाद इंटरनेट पर VPN से जुड़े सर्च भी तेजी से बढ़े हैं।
Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध के बाद बढ़ी हलचल
भारत में Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लागू होने के बाद लाखों यूजर्स के बीच इस प्लेटफॉर्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रतिबंध के दौरान मैसेजिंग ऐप तक पहुंच कैसे बनाई जाए। इसी कारण इंटरनेट पर Telegram से जुड़े वैकल्पिक विकल्पों की खोज बढ़ गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिबंध लगने के कुछ ही घंटों बाद VPN सेवाओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कई VPN प्रदाताओं ने भारत से आने वाले नए रजिस्ट्रेशन और डाउनलोड में तेजी की पुष्टि की है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में यूजर्स प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए तकनीकी विकल्प तलाश रहे हैं।
NEET परीक्षा से पहले लिया गया फैसला
सरकार ने 21 जून को आयोजित होने वाली NEET पुनर्परीक्षा को ध्यान में रखते हुए Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। अधिकारियों का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक था।
इसके अलावा Telegram के कुछ फीचर्स पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकना परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। इसी कारण संबंधित एजेंसियां ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
VPN डाउनलोड और सर्च ट्रेंड में उछाल
प्रतिबंध के बाद VPN से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों में तेजी देखी गई है। इंटरनेट ट्रेंड डेटा के अनुसार "Telegram VPN", "VPN for Telegram" और इसी तरह के अन्य कीवर्ड्स की खोज में पिछले दो दिनों के दौरान बड़ा उछाल आया है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी लोकप्रिय ऑनलाइन सेवा पर अस्थायी रोक लगती है, तब यूजर्स वैकल्पिक तकनीकी साधनों की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि VPN ऐप्स के डाउनलोड और नए अकाउंट रजिस्ट्रेशन में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी VPN सेवा का उपयोग करते समय उसकी सुरक्षा, गोपनीयता नीति और विश्वसनीयता की जांच करना आवश्यक है। सभी VPN सेवाएं समान स्तर की सुरक्षा प्रदान नहीं करतीं।
क्या होता है VPN और कैसे करता है काम?
VPN यानी Virtual Private Network एक ऐसी तकनीक है जो यूजर के इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करती है और उसकी वास्तविक लोकेशन को छिपाने में मदद करती है। VPN का उपयोग करने पर यूजर का इंटरनेट ट्रैफिक पहले VPN सर्वर से होकर गुजरता है, जिससे उसका वास्तविक IP एड्रेस दिखाई नहीं देता।
इसके जरिए इंटरनेट उपयोगकर्ता अधिक सुरक्षित कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं और कुछ मामलों में क्षेत्रीय प्रतिबंधों वाले कंटेंट तक पहुंच बना सकते हैं। यही कारण है कि Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध के बाद बड़ी संख्या में लोग VPN सेवाओं की ओर आकर्षित हुए हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और सुरक्षा पर बढ़ी बहस
Telegram पर लगाए गए प्रतिबंध ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा, गोपनीयता और नियमन को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ओर सरकार परीक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को रोकने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर यूजर्स अपनी पसंदीदा सेवाओं तक पहुंच बनाए रखने के विकल्प तलाश रहे हैं।
फिलहाल Telegram पर लागू प्रतिबंध और उससे जुड़े प्रभावों पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि अस्थायी रोक हटने के बाद उपयोगकर्ताओं का व्यवहार किस तरह बदलता है और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर क्या नई नीतियां सामने आती हैं।









