फिल्मों और त्योहारों का कनेक्शन हमेशा से बेहद खास रहा है। हिंदी सिनेमा में होली, दिवाली से लेकर लोहड़ी तक कई त्योहारों की भव्यता को बड़े पर्दे पर लार्जर दैन लाइफ अंदाज में पेश किया जाता रहा है।
The One Movie: हिंदी सिनेमा में त्योहारों को कहानी का हिस्सा बनाकर पर्दे पर पेश करने की लंबी परंपरा रही है। होली, दिवाली, लोहड़ी और गणेश उत्सव जैसे पर्व फिल्मों में कई बार बड़े स्तर पर नजर आ चुके हैं। अब पहली बार बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विशेष महत्व रखने वाले महापर्व छठ पूजा की भव्यता और धार्मिक मान्यताओं को एक सुपरनैचुरल थ्रिलर के जरिए बड़े पर्दे पर दिखाने की तैयारी है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में छठ पूजा को कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है। खास बात यह है कि फिल्म में छठ का दृश्य केवल त्योहार की खूबसूरती दिखाने के लिए नहीं जोड़ा गया, बल्कि इसका फिल्म की कहानी और बिहार की लोक-संस्कृति से गहरा संबंध बताया जा रहा है।
बिहार की लोककथाओं और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित कहानी
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी बिहार की पृष्ठभूमि में बुनी गई है। फिल्म का कथानक पटना के आसपास मौजूद एक ऐतिहासिक ‘वन देवी मंदिर’ और उसके आसपास फैले जंगलों के रहस्यों के इर्द-गिर्द घूमता है। फिल्म के टीजर में जंगल से जुड़े कुछ रहस्यमय और डरावने संकेत देखने को मिले हैं। कहानी में बिहार की लोककथाओं, स्थानीय मान्यताओं और पौराणिक संदर्भों को सुपरनैचुरल थ्रिलर के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।
इसी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के कारण छठ पूजा को भी फिल्म की कहानी का हिस्सा बनाया गया है। मेकर्स का उद्देश्य बिहार की संस्कृति को केवल बैकग्राउंड के रूप में इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि उसके महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को कहानी के साथ जोड़कर प्रस्तुत करना है।
तमन्ना भाटिया का छठ पूजा वाला सीन क्यों है खास?
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फिल्म के टीजर में तमन्ना भाटिया का एक दृश्य पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच चुका है। इसमें अभिनेत्री लाल साड़ी पहने और माथे पर नारंगी सिंदूर लगाए नदी के घाट पर नजर आती हैं। वह छठ पूजा की परंपरा के अनुसार सूर्य देव और छठी मैया को अर्घ्य देती दिखाई देती हैं। हालांकि, यह शांत और धार्मिक माहौल जल्द ही रहस्यमय और भयावह रूप ले लेता है। पूजा के दौरान दिखाई गई डरावनी घटना फिल्म के सुपरनैचुरल थ्रिलर पहलू की ओर इशारा करती है।
यही वजह है कि यह दृश्य सिर्फ त्योहार की झलक नहीं देता, बल्कि फिल्म की कहानी में छठ पूजा की भूमिका को लेकर भी उत्सुकता पैदा करता है। दर्शक यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि पूजा से जुड़ी मान्यताएं फिल्म के रहस्य और घटनाक्रम से किस तरह जुड़ेंगी।
मेकर्स का बिहार से है खास रिश्ता
फिल्म में बिहार की संस्कृति को प्रमुखता मिलने के पीछे मेकर्स का व्यक्तिगत जुड़ाव भी एक वजह है। निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार दोनों का संबंध बिहार से बताया जाता है। मेकर्स चाहते हैं कि फिल्म के जरिए बिहार की लोककथाओं और पौराणिक मान्यताओं के साथ-साथ वहां की सांस्कृतिक पहचान भी बड़े पर्दे पर दिखाई दे। छठ पूजा इसी पहचान का अहम हिस्सा है।
छठ बिहार, पूर्वांचल और देश के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि परिवार, आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान से जुड़ा उत्सव है। फिल्म में इसके दृश्य को शामिल करना क्षेत्रीय संस्कृति को राष्ट्रीय और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम भी बन सकता है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। सुपरनैचुरल थ्रिलर, लोककथाओं और बिहार की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के मेल ने फिल्म को रिलीज से पहले ही चर्चा में ला दिया है।









