‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ की स्टार संचिता बासु का खुलासा, पिता बनाना चाहते थे IAS, लेकिन चुनी अभिनय की राह

‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ फेम संचिता बासु ने खुलासा किया कि उनके पिता उन्हें IAS बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने अभिनय की दुनिया चुनी। जानें उनकी जर्नी, संघर्ष और

Sanchita Basu का मानना है कि किसी सफल प्रोजेक्ट के बाद कलाकारों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुलते हैं, लेकिन उनके करियर का अनुभव इससे कुछ अलग रहा। साल 2024 में रिलीज हुई वेब सीरीज Thukra Ke Mera Pyaar को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला और इससे संचिता को भी खास पहचान मिली।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: वेब सीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ में अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत रहीं अभिनेत्री संचिता बासु ने अपने करियर और निजी जीवन को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। बिहार के भागलपुर से आने वाली संचिता ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बनें, लेकिन उन्होंने अपने सपनों का पीछा करते हुए अभिनय की दुनिया को चुना। आज वह डिजिटल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा बन चुकी हैं।

‘ठुकरा के मेरा प्यार’ ने दिलाई नई पहचान

साल 2024 में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ ने संचिता बासु को नई पहचान दिलाई। इस सीरीज में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा। अब इसका दूसरा सीजन भी रिलीज हो चुका है, जिसमें वह एक बार फिर अपने किरदार से दर्शकों को प्रभावित कर रही हैं। संचिता का कहना है कि पहले सीजन की सफलता के बाद भी उन्होंने जल्दबाजी में कोई नया प्रोजेक्ट स्वीकार नहीं किया। वह लगातार ऑडिशन देती रहीं और ऐसे किरदार का इंतजार करती रहीं, जिसमें वह अपने अभिनय के साथ पूरा न्याय कर सकें।

उन्होंने बताया कि इस शो के बाद कास्टिंग डायरेक्टर्स और प्रोडक्शन हाउस से उन्हें लगातार कॉल और मैसेज आने लगे, जिससे यह एहसास हुआ कि अब इंडस्ट्री उन्हें पहचानने लगी है।

पिता चाहते थे बेटी बने IAS अधिकारी

‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ की स्टार संचिता बासु का खुलासा, पिता बनाना चाहते थे IAS, लेकिन चुनी अभिनय की राह

संचिता ने बताया कि उनका परिवार चाहता था कि वह पढ़ाई में आगे बढ़कर प्रशासनिक सेवा में जाएं। उन्होंने कहा कि बिहार में अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर या IAS अधिकारी बनते देखना चाहते हैं और उनके पिता की भी यही इच्छा थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने परिवार की पारंपरिक उम्मीदों से अलग रास्ता चुना और अभिनय को अपना करियर बनाया। हालांकि शुरुआत में यह फैसला आसान नहीं था।

संचिता ने बताया कि उन्हें बचपन से फिल्मों और अभिनय में गहरी रुचि थी। किसी भी फिल्म को देखने के बाद उनके मन में अभिनेता बनने की इच्छा और मजबूत हो जाती थी। उन्होंने आठवीं-नौवीं कक्षा के दौरान शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर अभिनय से जुड़े वीडियो बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे उनके वीडियो लोकप्रिय होने लगे और लोगों का सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने लगी।

यही सिलसिला आगे बढ़ा और उन्होंने अपना पहला ऑडिशन दिया, जिसके बाद उन्हें एक तेलुगु फिल्म में काम करने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने अभिनय को ही अपना प्रोफेशन बनाने का फैसला कर लिया।

मां ने हर कदम पर दिया साथ

संचिता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनकी मां शुरू से उनके साथ खड़ी रहीं। जब उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया, तब भी मां ने उनका पूरा समर्थन किया। वहीं, उनके पिता शुरुआत में अभिनय के पक्ष में नहीं थे। समय के साथ जब उन्होंने बेटी की मेहनत और सफलता देखी, तो उनका नजरिया बदल गया।

संचिता ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब उनके पिता ही उनके सबसे बड़े समर्थक बन चुके हैं। खासकर ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ की सफलता के बाद उन्हें परिवार से पहले से कहीं अधिक प्रोत्साहन मिलने लगा।

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