विशाखा सिंह ने वेब सीरीज 'रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब' बनाने के दौरान आई मुश्किलों पर बात की है। उन्होंने बताया कि आर्थिक परेशानियों के बावजूद टीम ने कश्मीर के युवाओं, फुटबॉल और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को ईमानदारी से दिखाने की कोशिश की।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: 'फुकरे' से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री और निर्माता विशाखा सिंह अपनी वेब सीरीज 'रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब' को लेकर चर्चा में हैं। अंतरराष्ट्रीय एमी अवॉर्ड्स 2026 में नामांकन मिलने के बाद उन्होंने सीरीज के निर्माण से जुड़ी कई बातें साझा कीं। विशाखा के मुताबिक, उनका मकसद कश्मीर को केवल आतंकवाद और तनाव के नजरिए से दिखाना नहीं था। वह वहां के युवाओं के सपनों और फुटबॉल के प्रति लोगों के जुनून को दर्शकों तक पहुंचाना चाहती थीं।
श्रीनगर के भरे स्टेडियम ने बदल दी कश्मीर को देखने की सोच
विशाखा सिंह ने बताया कि उन्हें इस कहानी के बारे में 2019 में पता चला था। उनके दोस्त और लेखक उमंग व्यास तथा सिमाब हाशमी ने एक ऐसे फुटबॉल क्लब की कहानी सुनाई, जिसने अपनी स्थापना के कुछ साल के भीतर मजबूत टीमों को चुनौती देना शुरू कर दिया था। कहानी को करीब से समझने के लिए टीम ने कश्मीर जाकर रिसर्च की। फरवरी में श्रीनगर का तापमान माइनस 6 डिग्री तक पहुंच गया था। इतनी ठंड के बावजूद फुटबॉल मैच देखने के लिए स्टेडियम दर्शकों से भरा हुआ था।
विशाखा के मुताबिक, उन्हें भेजे गए वीडियो में लोग अपनी टीम के लिए गाने गा रहे थे। कुछ दर्शक पेड़ों पर चढ़कर मैच देख रहे थे। फुटबॉल को लेकर लोगों का ऐसा उत्साह देखकर उन्होंने इस कहानी पर सीरीज बनाने का फैसला किया।
क्लब के संस्थापकों से लिए कहानी बनाने के अधिकार
इस प्रोजेक्ट पर आगे काम करने के लिए विशाखा की टीम ने रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब के संस्थापकों शमीम मेराज और संदीप चट्टू से संपर्क किया। दोनों संस्थापकों से कहानी पर काम करने के अधिकार मिलने के बाद टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। निर्माता किलियन केरविन और निर्देशक महेश मथाई भी इस प्रोजेक्ट से जुड़े।
विशाखा के लिए सबसे जरूरी बात यह थी कि क्लब की असली कहानी के साथ न्याय हो। संस्थापकों ने जिस भरोसे के साथ उन्हें अपनी कहानी सौंपी थी, वह उसे बनाए रखना चाहती थीं।
कोविड के बाद निवेशकों ने छोड़ा साथ, फिर भी नहीं किया समझौता
सीरीज बनाने के दौरान सबसे बड़ी परेशानी पैसों की थी। विशाखा ने बताया कि कोविड महामारी के बाद कई निवेशक प्रोजेक्ट से अलग हो गए। इससे सीरीज का काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने किसी OTT प्लेटफॉर्म से सीधे फंडिंग लेने के बजाय स्वतंत्र रूप से प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने का फैसला किया। इसकी वजह कहानी पर अपना नियंत्रण बनाए रखना था।
विशाखा के अनुसार, कश्मीर पर बनने वाली कहानियों में अक्सर हिंसा और तनाव को प्रमुखता देने की अपेक्षा होती है। लेकिन उनकी टीम आम कश्मीरी युवाओं की जिंदगी दिखाना चाहती थी। वह पर्दे पर ऐसे दृश्य लाना चाहती थीं, जिनमें बच्चे स्कूल जाते हैं, परिवार साथ समय बिताते हैं और लोग सामान्य जिंदगी जीते दिखाई देते हैं। फुटबॉल इस कहानी का केंद्र था और वह इसे किसी दूसरी दिशा में नहीं ले जाना चाहती थीं।
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संदीप चट्टू के निधन से टीम को लगा बड़ा झटका
सीरीज के निर्माण के दौरान 31 दिसंबर 2023 को रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब के सह-संस्थापक संदीप चट्टू का निधन हो गया। विशाखा ने इस घटना को प्रोजेक्ट के सबसे मुश्किल दौर में से एक बताया। उनके मुताबिक, उस समय टीम को लगा था कि शायद सीरीज पूरी नहीं हो पाएगी। संदीप ने इस कहानी को पर्दे पर लाने के लिए निर्माताओं पर भरोसा किया था।
विशाखा चाहती थीं कि क्लब के संस्थापकों की मेहनत और कश्मीर के खिलाड़ियों का संघर्ष दर्शकों तक सही तरीके से पहुंचे। कई बाधाओं के बाद जब सीरीज पूरी हुई, तो यह उनके लिए भावुक अनुभव रहा।
इंटरनेशनल एमी 2026 में मिला बड़ा नामांकन
दिसंबर 2025 में SonyLIV पर रिलीज हुई 'रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब' में मानव कौल और मोहम्मद जीशान अय्यूब प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन महेश मथाई और राजेश मापुस्कर ने किया है। सीरीज को 2026 के इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स में ड्रामा सीरीज श्रेणी के लिए नामांकित किया गया है। विजेताओं की घोषणा 23 नवंबर 2026 को न्यूयॉर्क में होगी।
विशाखा के लिए यह नामांकन वर्षों की मेहनत की पहचान है। उनका मानना है कि इससे कश्मीर की एक अलग कहानी दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच सकेगी।









