तिरुवनंतपुरम में खड़ा है यूके का फाइटर जेट, मरम्मत के लिए पहुंचे ब्रिटिश इंजीनियर

UK नेवी का F-35B फाइटर जेट तकनीकी खराबी के चलते 15 जून से तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर खड़ा है। मरम्मत के लिए ब्रिटेन से इंजीनियरिंग टीम भारत पहुंची।

यूके नेवी का F-35B फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण 15 जून को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद से खड़ा है। मरम्मत के लिए ब्रिटेन से इंजीनियरिंग टीम भारत पहुंची है।

UK F-35B Aircraft: यूके नेवी का अत्याधुनिक फाइटर जेट F-35B तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर 15 जून से खड़ा है। तकनीकी खराबी और खराब मौसम के कारण इसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। अब ब्रिटेन से आई एक इंजीनियरिंग टीम इस विमान की मरम्मत और रिकवरी की प्रक्रिया में जुट गई है। ब्रिटिश उच्चायोग ने भारत के सहयोग के लिए आभार जताया है।

इमरजेंसी लैंडिंग के बाद से विमान एयरपोर्ट पर खड़ा

यूके नेवी का F-35B फाइटर जेट 14 जून को नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। 15 जून को इसने तकनीकी समस्या और खराब मौसम के चलते तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग की थी। इस घटना के बाद से यह विमान एयरपोर्ट के फ्लाइट हेंगर में खड़ा है। विमान को फिलहाल उड़ान के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है।

ब्रिटेन से पहुंची इंजीनियरिंग टीम

ब्रिटिश उच्चायोग के अनुसार यूके से एक इंजीनियरिंग टीम को भारत भेजा गया है जो विमान की स्थिति का आकलन करेगी और आवश्यक मरम्मत करेगी। यह टीम भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रही है। टीम विशेष उपकरण लेकर पहुंची है जो विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार करने में सहायता करेगा।

मरम्मत और ओवरहाल की प्रक्रिया शुरू

तिरुवनंतपुरम में खड़ा है यूके का फाइटर जेट, मरम्मत के लिए पहुंचे ब्रिटिश इंजीनियर

ब्रिटेन ने भारत की ओर से प्रस्तावित मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO) सुविधा का प्रस्ताव स्वीकार किया है। इसके लिए दोनों देशों के बीच समन्वय बनाकर मरम्मत प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। मानक प्रक्रिया के तहत, विमान को मरम्मत स्थल तक स्थानांतरित किया जाएगा।

ब्रिटिश उच्चायोग ने जताया आभार

ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने भारत सरकार और हवाई अड्डे के अधिकारियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत ने न केवल इमरजेंसी लैंडिंग में बल्कि रिकवरी प्रक्रिया में भी पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि यूके इस साझेदारी और सहयोग की सराहना करता है।

समुद्र में लैंडिंग नहीं हो पाई, मजबूरी में बदला रूट

फाइटर जेट की उड़ान के दौरान समुद्र में मौजूद यूके नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर पर उतरने की योजना थी। लेकिन खराब मौसम के कारण कई प्रयासों के बावजूद लैंडिंग संभव नहीं हो सकी। इसके चलते विमान का ईंधन स्तर कम हो गया। स्थिति को देखते हुए पायलट ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति मांगी जो शनिवार रात करीब 9 बजे मिली।

युद्धाभ्यास का हिस्सा था फाइटर जेट

यह फाइटर जेट 9 और 10 जून को नॉर्थ अरेबियन सी में हुए भारत-ब्रिटेन संयुक्त नौसैनिक युद्धाभ्यास का हिस्सा था। इस अभ्यास में भारतीय और ब्रिटिश नौसेनाओं के कई जहाज और विमान शामिल हुए थे। युद्धाभ्यास के दौरान ही यह जेट सक्रिय प्रशिक्षण मिशन पर था।

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