TMC नेता जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ को 5 दिन की पुलिस कस्टडी: नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी के बाद कोर्ट का बड़ा फैसला

TMC नेता जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ को कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी के बाद वसूली और धमकी के मामलों में पूछताछ जारी है।

TMC नेता जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ को डायमंड हार्बर कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। उन्हें भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था। उन पर वसूली और धमकी के गंभीर आरोप हैं, पुलिस जांच जारी है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता जहांगीर खान को अदालत ने 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई दक्षिण 24 परगना जिले के फालता क्षेत्र से जुड़े एक आपराधिक मामले में की गई है।

जहांगीर खान को उनके इलाके में ‘पुष्पा’ के नाम से भी जाना जाता है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें डायमंड हार्बर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने पुलिस को आगे की पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी मंजूर की।

भारत-नेपाल बॉर्डर से हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, जहांगीर खान को सोमवार को भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से फरार थे और लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे।

खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने उत्तर बंगाल के बॉर्डर क्षेत्र में दबिश देकर उन्हें पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।

जबरन वसूली और धमकी के गंभीर आरोप

जहांगीर खान पर जबरन वसूली (extortion), धमकी और डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज थीं और चुनाव के बाद से उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय से फरार चल रहे थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की गई थी।

कोर्ट की अंतरिम सुरक्षा हटने के बाद तेज हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले जहांगीर खान को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि, 26 मई को यह सुरक्षा वापस ले ली गई।

सुरक्षा हटते ही पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी और उनकी तलाश में अभियान शुरू किया। इसके बाद आखिरकार उन्हें भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

‘पुष्पा’ नाम कैसे पड़ा: चुनावी बयान से बनी पहचान

जहांगीर खान बंगाल चुनाव के दौरान उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने एक पुलिस अधिकारी को खुलेआम चुनौती दी थी। उस दौरान उन्होंने फिल्मी अंदाज में खुद को ‘पुष्पा’ बताते हुए कहा था कि वे किसी के सामने झुकेंगे नहीं।

इस बयान के बाद मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनकी पहचान “फालता का पुष्पा” के रूप में होने लगी। यह नाम सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था और उन्हें इसी उपनाम से पहचाना जाने लगा।

राजनीतिक और कानूनी विवादों के बीच बढ़ती मुश्किलें

चुनाव के बाद से ही जहांगीर खान पर राजनीतिक दबाव और कानूनी कार्रवाई दोनों बढ़ती गईं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच तेज हुई और पुलिस ने कई बार उनके ठिकानों पर छापेमारी की।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते रहे, लेकिन अंततः वे पुलिस के हाथ लग गए।

अदालत में पेशी के बाद 5 दिन की पुलिस हिरासत

डायमंड हार्बर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

इस दौरान पुलिस उनसे उनके नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और कथित जबरन वसूली के मामलों पर पूछताछ करेगी।

जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग भी शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। इसके अलावा, उनके राजनीतिक संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

इलाके में तनाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया

फालता और दक्षिण 24 परगना क्षेत्र में इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। कुछ स्थानीय समर्थकों ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया है।

फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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