तमिलनाडु चुनाव 2026: भाजपा का दावा- कांग्रेस-डीएमके गठबंधन में खींचतान, ₹5000 योजना को बताया चुनावी स्टंट

Bharatiya Janata Party ने तमिलनाडु चुनाव 2026 के दौरान Congress-DMK Alliance में खींचतान का दावा किया। साथ ही भाजपा ने ₹5000 की योजना को चुनावी स्टंट करार दिया

तमिलनाडु की सियासत में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य भाजपा ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम और उसकी सहयोगी कांग्रेस के बीच गंभीर मतभेद होने का दावा किया है। 

चेन्नई: तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। भाजपा ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और उसकी सहयोगी कांग्रेस के बीच मतभेद होने का दावा किया है। भाजपा प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने आरोप लगाया कि सीट बंटवारे और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता 45 विधानसभा सीटों और सरकार में भागीदारी की मांग कर रहे हैं, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ा है।

कांग्रेस-डीएमके गठबंधन में खींचतान

भाजपा के मुताबिक, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी का दबाव है। प्रसाद ने कहा कि हालिया बयानों और बैठक की देरी गठबंधन की कमजोरी को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गठबंधन में अपनी भूमिका को बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि DMK की ओर से सीटों का बंटवारा अभी तक अंतिम रूप नहीं लिया गया है।

सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर असंतोष के संकेत मिलने के बीच भाजपा इसे चुनावी अवसर के रूप में देख रही है। भाजपा का दावा है कि DMK-कांग्रेस में मतभेद एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के लिए राजनीतिक फायदा प्रदान कर सकते हैं।

महिलाओं को ₹5000 योजना पर भाजपा का हमला

भाजपा ने राज्य सरकार की ‘कलाईनार मगलिर उरिमई थोगई’ योजना को भी निशाने पर लिया, जिसमें महिलाओं को एकमुश्त ₹5,000 की सहायता देने की घोषणा की गई थी। भाजपा ने इसे चुनावी हथकंडा करार देते हुए आरोप लगाया कि यह कदम मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उठाया गया। भाजपा प्रवक्ता प्रसाद ने कहा, यह योजना केवल चुनावी स्टंट है। डीएमके का मकसद महिलाओं को अस्थायी रूप से आकर्षित करना और वोट बैंक बनाए रखना है।

भाजपा ने दावा किया कि तमिलनाडु में NDA लगातार मजबूत हो रहा है। इस गठबंधन में एआईएडीएमके, भाजपा, पीएमके और अन्य क्षेत्रीय दल शामिल हैं। प्रसाद ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चेंगलपट्टू-मदुरंतकम जनसभा का हवाला देते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार से केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय संभव है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि DMK, एआईएडीएमके को दिल्ली के अधीन बताकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि राज्य में कर्ज बढ़ने, अधूरे विकास कार्य और वादों के मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।

कांग्रेस की मांग और विरोध

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि गठबंधन में उनकी भूमिका अहम है, लेकिन पिछले वर्षों में पार्टी को तमिलनाडु में सत्ता से वंचित रखा गया। उन्होंने उदाहरण दिए—1984 में 61 सीटें, 1991 में 60 सीटें और 2006 में 34 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनी। 2021 में DMK ने 173 सीटों में से 133 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 25 सीटों में से 18 सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बार कांग्रेस ने 45 सीटों की मांग की है और युवा नेताओं के लिए अधिक अवसर तलाशने की कोशिश कर रही है।

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