अयोध्या में SIR (विशेष पुनरीक्षण) को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के नेता Pawan Pandey ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मतदाता सूची में एक ही नाम से तीन-तीन वोट बनाए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि इससे भाजपा की ‘कलई खुल गई’ है।
पवन पांडे ने प्रेस वार्ता में कहा कि SIR के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका दावा है कि एक ही व्यक्ति के नाम से अलग-अलग बूथों पर वोट दर्ज किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ी है तो निष्पक्ष चुनाव की कल्पना नहीं की जा सकती। पांडे ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि SIR एक नियमित प्रक्रिया है और इसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। यदि कहीं त्रुटि है तो उसे प्रक्रिया के तहत सुधारा जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अयोध्या जैसे संवेदनशील जिले में मतदाता सूची का मुद्दा चुनावी रणनीति का बड़ा हिस्सा बन सकता है। यहां की राजनीतिक सरगर्मी अक्सर प्रदेश स्तर तक असर डालती है।
SIR के दौरान मतदाता सूची का अद्यतन, नए नाम जोड़ना और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना शामिल होता है। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी भी मतदाता को सूची में गड़बड़ी दिखती है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आपत्तियों की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
फिलहाल अयोध्या में SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर यदि विपक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन की राह चुनता है।










