भारत दौरे पर फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron! रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

फ्रांस राष्ट्रपति Emmanuel Macron का तीन दिवसीय भारत दौरा। रक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग पर चर्चा, राफेल बेड़े का विस्तार और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचेंगे। दौरे में वे रक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग पर चर्चा करेंगे। राफेल विमानों के बेड़े के विस्तार और स्वदेशी निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित होगा।

World News: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार से तीन दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह उनका भारत का चौथा दौरा और मुंबई में पहला दौरा होगा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक शासन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है। राष्ट्रपति मैक्रों एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे और मुंबई में भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने का अवसर माना जा रहा है।

रक्षा सौदों पर होगी विशेष चर्चा

भारत-फ्रांस वार्ता का केंद्र बिंदु राफेल लड़ाकू विमानों के बेड़े के विस्तार और लड़ाकू विमान कार्यक्रम होगा। 12 फरवरी को भारत ने फ्रांस के साथ सरकार-से-सरकार समझौते के तहत 114 राफेल विमानों की खरीद के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह कदम भारतीय वायु सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाने के लिए लगभग दो दशक से चली आ रही योजना का अहम हिस्सा है। आगामी चर्चा में दोनों पक्ष लड़ाकू विमानों की क्षमता, रखरखाव, मरम्मत और भविष्य की संयुक्त प्रौद्योगिकियों पर भी गहन सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय नौसेना के लिए छह अतिरिक्त अमेरिकी बोइंग पी8-आई निगरानी विमानों की खरीद सहित कुल 3.60 लाख करोड़ रुपये के सैन्य हार्डवेयर के पूंजीगत अधिग्रहण को मंजूरी दी।

यह कदम भारत की समुद्री निगरानी और सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा। मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (एमआरएफए) परियोजना के तहत, डसॉल्ट एविएशन द्वारा 18 राफेल विमानों की उड़ान भरने योग्य आपूर्ति की जाएगी, जबकि शेष विमानों का निर्माण भारत में 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

स्वदेशी निर्माण और तकनीकी सहयोग

राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे के दौरान दोनों देश राफेल विमानों में स्वदेशी निर्माण घटकों, इंजन प्रौद्योगिकी और भारतीय वायु सेना के मौजूदा बेड़े में संभावित उन्नयन पर चर्चा करेंगे। यह सहयोग भारतीय रक्षा उद्योग के लिए तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भविष्य में राफेल विमानों के रखरखाव और मरम्मत कार्यों में भी दोनों देशों के बीच संयुक्त परियोजनाओं की संभावना है।

भारत-फ्रांस रणनीतिक सहयोग

मैक्रों का यह दौरा केवल रक्षा समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दो देशों के बीच भू-राजनीतिक सहयोग को भी मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा होगी। दोनों देश आर्थिक, तकनीकी और रक्षा क्षेत्रों में गहन सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। यह दौरा भारत को वैश्विक मंच पर अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेगा।

राफेल बेड़े का विस्तार

राफेल लड़ाकू विमानों का विस्तार भारतीय वायु सेना की संचालन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। यह कार्यक्रम भारत की एयर डिफेंस स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है। फ्रांस के सहयोग से तकनीकी प्रशिक्षण, रखरखाव और आधुनिक तकनीक का स्थानांतरण भारत में रक्षा क्षेत्र की दक्षता को और बढ़ाएगा।

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