त्रिपुरा में CPI(M) का राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान, कानून व्यवस्था, डीजीपी की मौत और महंगाई समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

त्रिपुरा में CPI(M) ने कानून व्यवस्था, डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत, राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली, बेरोजगारी और महंगाई सहित कई मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन

त्रिपुरा में CPI(M) ने कानून व्यवस्था, डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत की निष्पक्ष जांच, खराब राष्ट्रीय राजमार्ग, बेरोजगारी, महंगाई और कृषि संकट जैसे मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी ने आने वाले महीनों में कई विरोध कार्यक्रमों का भी ऐलान किया।

अगरतला: त्रिपुरा में विपक्षी दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने राज्यभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी ने कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, कृषि संकट और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की रहस्यमय मौत की निष्पक्ष जांच जैसे मुद्दों को लेकर आने वाले सप्ताहों में कई विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है।

अगरतला में दो दिवसीय राज्य समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राज्य सचिव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी ने इन कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार शासन, प्रशासन और जनकल्याण से जुड़े कई मोर्चों पर विफल रही है और इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

जितेंद्र चौधरी ने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में त्रिपुरा की कानून व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने बेलोनिया, मोहनपुर, कमालपुर और अन्य क्षेत्रों में CPI(M) कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों पर कथित हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के राजनीतिक कार्यक्रमों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, इन घटनाओं ने राज्य में राजनीतिक माहौल को चिंताजनक बना दिया है।

डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत पर निष्पक्ष जांच की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी ने पूर्व डीजीपी अनुराग धनखड़ को श्रद्धांजलि भी दी। चौधरी ने उन्हें एक ईमानदार, समर्पित और सक्षम अखिल भारतीय सेवा अधिकारी बताया तथा कहा कि उनकी असामयिक मृत्यु कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अलग-अलग सार्वजनिक बयान सामने आए हैं, जिससे संदेह पैदा हुआ है। इसी कारण CPI(M) ने इस मामले की जांच किसी मौजूदा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग दोहराई है। उन्होंने बताया कि CPI(M) और वाम विधायक दल ने अलग-अलग राज्यपाल को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि वर्तमान विशेष जांच दल (SIT) की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब स्थिति पर होगा प्रदर्शन

पार्टी ने राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर स्थिति को भी बड़ा जनहित का मुद्दा बताया। चौधरी ने कहा कि अगरतला में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे और विशेष रूप से तेलियामुरा तथा खोवाई मार्ग से जुड़े इलाकों में जनसभाएं की जाएंगी। उनके अनुसार, खराब सड़कें आम लोगों की आवाजाही, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित कर रही हैं, इसलिए सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।

10 अगस्त को 'जेल भरो' आंदोलन

CPI(M) ने घोषणा की कि 10 अगस्त को किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर राज्यभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस अभियान के दौरान कृषि संकट, बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। राज्य के सभी उपखंडों में 'जेल भरो' आंदोलन आयोजित करने की भी योजना है। पार्टी का कहना है कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विरोध अभियानों का हिस्सा होगा और इसका उद्देश्य जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाना है।

सितंबर में किसान सभा का राज्य सम्मेलन

पार्टी ने यह भी बताया कि 1 से 3 सितंबर तक ऑल इंडिया किसान सभा का राज्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का समापन अगरतला के अस्तबल ग्राउंड में एक विशाल रैली के साथ होगा। जितेंद्र चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन जुटाना इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य होगा।

पंचायत और नगर निकाय चुनावों की तैयारी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पार्टी आगामी ग्राम समिति और नगर निकाय चुनावों की तैयारी भी शुरू कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग में किए गए बदलाव और नए राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

TTAADC में नियुक्तियों पर लगाए आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चौधरी ने टिपरा मोथा के नेतृत्व वाली त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) में हुई कथित नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि लगभग 200 नियुक्तियां बिना विज्ञापन और साक्षात्कार के की गईं। उनके अनुसार, इस मामले में दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई स्वीकार कर ली है। उन्होंने जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की।

सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप

CPI(M) ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आने वाले महीनों में तेज होगा राजनीतिक अभियान

CPI(M) ने स्पष्ट किया है कि वह आने वाले महीनों में राज्यभर में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक अभियान जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। त्रिपुरा में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले विपक्ष की यह रणनीति राज्य की राजनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकती है। आने वाले दिनों में इन आंदोलनों और सरकार की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी।

Leave a comment