हर वर्ष 13 जुलाई को इंटरनेशनल रॉक डे मनाया जाता है। यह दिन रॉक संगीत की विरासत, कलाकारों के योगदान और 1985 के ऐतिहासिक लाइव एड कॉन्सर्ट की याद में समर्पित है, जिसने संगीत को सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बनाया।
वॉशिंगटन: अमेरिका की राजनीति के प्रभावशाली रिपब्लिकन नेता और दक्षिण कैरोलिना से लंबे समय तक सीनेटर रहे Lindsey Graham का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके कार्यालय के अनुसार, शनिवार शाम एक "संक्षिप्त और अचानक हुई बीमारी" के बाद उनका निधन हुआ। प्रारंभिक मेडिकल जांच में मौत का संभावित कारण महाधमनी (एओर्टा) का फटना (Aortic Rupture/Dissection) बताया गया है।
ग्राहम का निधन अमेरिकी राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। वे विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा मामलों पर रिपब्लिकन पार्टी की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में शामिल थे। उनके निधन से अमेरिकी सीनेट की राजनीतिक स्थिति और रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
यूक्रेन दौरे के तुरंत बाद हुई मृत्यु
रिपोर्टों के अनुसार, ग्राहम अपने निधन से ठीक पहले यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा से लौटे थे, जहां उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy से मुलाकात की थी। यात्रा के दौरान उनके स्वास्थ्य को लेकर किसी गंभीर समस्या की जानकारी सामने नहीं आई थी। बताया गया कि निधन से कुछ घंटे पहले तक वे सक्रिय थे और राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत भी कर रहे थे। इस अचानक हुई घटना ने उनके सहयोगियों और समर्थकों को स्तब्ध कर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी श्रद्धांजलि
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ग्राहम के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें "सच्चा अमेरिकी देशभक्त" बताते हुए कहा कि देश ने एक समर्पित नेता को खो दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ग्राहम से निधन से कुछ घंटे पहले बातचीत की थी। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान ग्राहम सामान्य लग रहे थे, हालांकि वे थोड़े थके हुए दिखाई दे रहे थे। ट्रंप ने कहा कि ग्राहम अपने विचारों पर दृढ़ रहने वाले नेता थे और देशहित के मुद्दों पर हमेशा स्पष्ट रुख रखते थे।
आलोचक से बने ट्रंप के करीबी सहयोगी
लिंडसे ग्राहम और डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक संबंध समय के साथ काफी बदला। वर्ष 2015 और 2016 के दौरान ग्राहम ट्रंप के सबसे मुखर रिपब्लिकन आलोचकों में शामिल थे। उन्होंने उस समय ट्रंप की शैली और राजनीति पर कई सार्वजनिक टिप्पणियां की थीं। हालांकि बाद के वर्षों में दोनों नेताओं के संबंधों में उल्लेखनीय बदलाव आया। ग्राहम ने ट्रंप प्रशासन की कई प्रमुख नीतियों का समर्थन किया और वे उनके सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में गिने जाने लगे। उन्होंने सीमा सुरक्षा, न्यायपालिका में नियुक्तियों और विदेश नीति जैसे कई मुद्दों पर ट्रंप का खुलकर समर्थन किया।
विदेश नीति के मजबूत समर्थक
लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी विदेश नीति का प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता था। वे लंबे समय तक अमेरिका की सक्रिय वैश्विक भूमिका, सहयोगी देशों की सुरक्षा और सैन्य शक्ति के उपयोग के समर्थक रहे। उन्होंने यूक्रेन को सैन्य सहायता, रूस पर कड़े प्रतिबंध, इज़राइल की सुरक्षा और पश्चिम एशिया में अमेरिकी भूमिका का लगातार समर्थन किया। इसके अलावा वे आतंकवाद विरोधी अभियानों और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कठोर नीतियों के पक्षधर थे।

इज़राइल और यूक्रेन से मिले श्रद्धांजलि संदेश
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ग्राहम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इज़राइल ने अपना एक मजबूत मित्र खो दिया है। उन्होंने कहा कि ग्राहम हमेशा अमेरिका और इज़राइल की सुरक्षा को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानते थे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने एक दृढ़ और प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है, जिन्होंने यूक्रेन के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सैन्य और राजनीतिक जीवन
लिंडसे ग्राहम का सार्वजनिक जीवन कई दशकों तक फैला रहा। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिकी वायुसेना में सैन्य अभियोजक और रक्षा वकील के रूप में सेवा दी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और पहले प्रतिनिधि सभा के सदस्य बने। वर्ष 2002 में वे पहली बार अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद लगातार कई कार्यकाल तक उन्होंने दक्षिण कैरोलिना का प्रतिनिधित्व किया और राष्ट्रीय स्तर पर रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे।
निजी जीवन में भी झेले कठिन दौर
ग्राहम के जीवन में व्यक्तिगत चुनौतियां भी कम नहीं थीं। युवावस्था में उन्होंने कुछ ही वर्षों के अंतराल में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी छोटी बहन की जिम्मेदारी संभाली और बाद में कानूनी रूप से उसे गोद भी लिया। उनके सहयोगियों का कहना है कि इन अनुभवों ने उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन को गहराई से प्रभावित किया।
सीनेट की राजनीति पर पड़ेगा असर
ग्राहम के निधन के बाद दक्षिण कैरोलिना के राज्यपाल अस्थायी रूप से उनकी सीट पर नियुक्ति करेंगे। इसके बाद निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदाता नए सीनेटर का चयन करेंगे। इस घटनाक्रम का असर अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दलों के शक्ति संतुलन पर भी पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्राहम का अनुभव, विदेश नीति की समझ और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका उन्हें रिपब्लिकन नेतृत्व का महत्वपूर्ण चेहरा बनाती थी। ऐसे में उनका निधन अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा खालीपन छोड़ गया है।









