Trump-Iran Tension: ‘Midnight Hammer’ की याद दिलाते हुए ट्रंप ने खामेनेई को दी चेतावनी; समझौता न होने पर गंभीर परिणाम

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौता न करने पर गंभीर परिणाम की चेतावनी दी। नेतन्याहू के साथ बैठक में रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर वह परमाणु समझौता नहीं करता, तो परिणाम गंभीर होंगे। नेतन्याहू के साथ बैठक में रणनीति और सुरक्षा पर चर्चा हुई, जिससे अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने का संकेत मिला।

Trump-Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान जल्द परमाणु समझौता नहीं करता, तो यह देश के लिए बेहद दर्दनाक साबित होगा। ट्रंप ने अपने बयान में कहा, 'हमें समझौता करना ही होगा। अन्यथा, स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन हमें समझौता करना ही होगा। उन्हें पहली बार में ही समझौता कर लेना चाहिए था।'

ट्रंप ने ईरान को 'मिडनाइट हैमर' की याद दिलाई। यह शब्द जून 2025 में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का संदर्भ है, जब ईरान के तीन मुख्य परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले हुए थे। उनका कहना था कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो कहानी पूरी तरह बदल जाएगी और परिणाम उसके लिए बहुत ही गंभीर होंगे।

नेतन्याहू के साथ हुई बैठक

ट्रंप ने गुरुवार को इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ वाशिंगटन में बैठक की। इस बैठक को उन्होंने "बहुत अच्छी" बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। ट्रंप ने बैठक के दौरान कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को ईरान को मजबूर करने की रणनीति के बारे में भी जानकारी दी।

Trump-Iran Tension: ‘Midnight Hammer’ की याद दिलाते हुए ट्रंप ने खामेनेई को दी चेतावनी; समझौता न होने पर गंभीर परिणाम

ट्रंप ने बैठक में कहा, "कल बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हमारी बहुत अच्छी बैठक हुई। उन्होंने स्थिति को समझा, लेकिन अंततः निर्णय मेरा ही है।" यह संकेत है कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस मसले पर निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं और किसी भी समझौते की अंतिम मंजूरी उनके हाथ में होगी।

नेतन्याहू ने भी जताई अपनी राय

बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप मानते हैं कि ईरान को एक अच्छा समझौता स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी वाशिंगटन यात्रा छोटी लेकिन महत्वपूर्ण रही। नेतन्याहू ने बताया कि बैठक में ईरान के साथ समझौते के अलावा अन्य सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते में ऐसे घटक शामिल होने चाहिए जो इज़राइल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें केवल परमाणु मुद्दा ही नहीं, बल्कि बैलिस्टिक मिसाइलें और ईरान के क्षेत्रीय सहयोगी भी शामिल हैं। उनका कहना था कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ईरान केवल अपने परमाणु कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि उसके सभी खतरनाक प्रयासों पर नियंत्रण हो।

मिडनाइट हैमर का संदर्भ

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देने के लिए "मिडनाइट हैमर" का शब्द इस्तेमाल किया। यह जून 2025 में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का प्रतीक है, जिसमें ईरान के तीन मुख्य परमाणु ठिकानों पर हमला किया गया था। ट्रंप का कहना था कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो यह कार्रवाई उनके लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। यह स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका किसी भी तरह की देरी को स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान के लिए संभावित परिणाम

ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के सामने दो विकल्प हैं। पहला, समझौता करके अंतरराष्ट्रीय दबाव कम करना और अपने परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करना। दूसरा, समझौता नहीं करना और अमेरिका के सैन्य और आर्थिक दबाव का सामना करना। ट्रंप ने कहा कि समझौता न होने पर परिणाम "बहुत दर्दनाक" होंगे।

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