भारत में IPO लाएगी अमेरिकी AI कंपनी ट्राइफैक्टा, 150 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी

अमेरिकी AI कंपनी ट्राइफैक्टा ने गिफ्ट सिटी में IPO दस्तावेज दाखिल किए हैं। कंपनी 100-150 मिलियन डॉलर जुटाकर भारत में लिस्ट होने वाली पहली अमेरिकी कंपनी बन सकती है।

अमेरिका की AI आधारित वर्कफोर्स सॉल्यूशंस कंपनी ट्राइफैक्टा ने गुजरात के गिफ्ट सिटी में IPO के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं। कंपनी 100 से 150 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी में है और भारत में सूचीबद्ध होने वाली पहली अमेरिकी कंपनी बन सकती है।

Business: अमेरिकी मुख्यालय वाली AI वर्कफोर्स सॉल्यूशंस कंपनी ट्राइफैक्टा ने भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र गिफ्ट सिटी में अपने प्रस्तावित IPO की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ऑफर दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं और सफल लिस्टिंग की स्थिति में यह भारत के बाजार में सूचीबद्ध होने वाली पहली अमेरिकी मूल की कंपनी बन सकती है।

गिफ्ट सिटी में दाखिल किए IPO दस्तावेज

अमेरिका स्थित AI आधारित वर्कफोर्स सॉल्यूशंस कंपनी ट्राइफैक्टा ने गुजरात के गिफ्ट सिटी स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में अपने IPO से जुड़े दस्तावेज जमा कर दिए हैं। कंपनी की योजना अपने शेयरों को एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज और इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कराने की है।

यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ट्राइफैक्टा भारत के वित्तीय बाजार में सूचीबद्ध होने वाली पहली अमेरिकी मुख्यालय वाली कंपनी बन सकती है। इससे गिफ्ट सिटी को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

150 मिलियन डॉलर तक जुटाने की तैयारी

प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के जरिए कंपनी 100 से 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक जुटाने की योजना बना रही है। IPO में लगभग 1.33 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रमोटर समूह से जुड़ी एक हिस्सेदार द्वारा शेयरों की बिक्री पेशकश भी शामिल होगी।

कंपनी का कहना है कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग कारोबार विस्तार, संभावित अधिग्रहण, कर्ज भुगतान और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। इससे कंपनी को अपने परिचालन को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

AI आधारित वर्कफोर्स सॉल्यूशंस में मजबूत मौजूदगी

ट्राइफैक्टा की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी और इसका मुख्यालय अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में स्थित है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित भर्ती सेवाएं, स्टाफिंग, पेरोल प्रबंधन और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।

वर्तमान में कंपनी सरकारी संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न संगठनों को मानव संसाधन संबंधी तकनीकी समाधान प्रदान कर रही है। AI के बढ़ते उपयोग के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का दायरा लगातार बढ़ाया है।

लंबे अवधि के कॉन्ट्रैक्ट बने ताकत

ऑफर दस्तावेजों के अनुसार कंपनी के बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट दीर्घकालिक हैं। उसके महत्वपूर्ण अनुबंधों का बड़ा हिस्सा कई वर्षों की अवधि के लिए है, जिससे भविष्य की आय को लेकर स्थिरता दिखाई देती है।

कंपनी अमेरिका के कई राज्यों में सरकारी और संस्थागत ग्राहकों के साथ काम कर रही है। इससे उसे लगातार नए प्रोजेक्ट और राजस्व के अवसर मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे अवधि के अनुबंध किसी भी सेवा आधारित कंपनी के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

हाल में मिले बड़े प्रोजेक्ट

ट्राइफैक्टा को हाल ही में अमेरिकी रक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी मिले हैं। कंपनी के अनुसार उसे चिकित्सा सेवाओं से संबंधित परियोजनाओं के लिए करोड़ों डॉलर मूल्य के नए अनुबंध प्राप्त हुए हैं।

इन प्रोजेक्ट्स से कंपनी की बाजार स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही यह निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है क्योंकि इससे भविष्य में कारोबार विस्तार की संभावनाएं बढ़ती हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है यह IPO?

ट्राइफैक्टा का प्रस्तावित IPO केवल एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं बल्कि भारत के वित्तीय बाजारों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह सफल होता है तो अन्य विदेशी कंपनियां भी गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारतीय पूंजी बाजार में प्रवेश करने पर विचार कर सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र बनने की महत्वाकांक्षा को बल मिलेगा और विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इस IPO और उसकी प्रगति पर बनी रहेगी।

Leave a comment