BMC चुनाव 2026 से पहले उद्धव और राज ठाकरे के साथ आने से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिंदे गुट नेता संजय निरुपम ने गठबंधन पर हमला करते हुए मुंबई की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी है।
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तापमान बढ़ गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 को लेकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने इस गठबंधन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इसे मुंबई की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन से जोड़ते हुए गंभीर चेतावनी दी है।
संजय निरुपम का तीखा हमला
संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन को लेकर कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक समझौता नहीं, बल्कि एक खतरनाक मानसिकता का संकेत है। उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि ठाकरे परिवार की राजनीति अब “जिहादी मानसिकता” के इर्द-गिर्द सिमटती जा रही है।
निरुपम के मुताबिक, जिस तरह से यह गठबंधन कुछ खास वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहा है, उससे आने वाले समय में मुंबई में खतरे बढ़ सकते हैं। उन्होंने मुंबईकरों से सतर्क रहने की अपील भी की।
'मुंबई में खतरे और बढ़ेंगे'
संजय निरुपम ने अपने बयान में कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने जो बात कही है, वह पूरी तरह सही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियां alliance बनाकर मैदान में उतर रही हैं और जिस तरह खान, पठान और जिहादी मानसिकता रखने वाले लोगों को साथ लेकर चलने का संकेत दिया जा रहा है, उससे मुंबई की स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।

उनका कहना था कि आने वाले दिनों में मुंबई में खतरे और बढ़ेंगे और इन खतरों को लेकर मुंबईकरों को पहले से ही सावधान रहना होगा।
'आपको खान-पठान चलेंगे, लेकिन हिंदू समाज का एक वर्ग नहीं'
निरुपम ने अपने बयान में और तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे के कुछ समर्थक जिहादी मानसिकता वाले लोगों के दबाव में आकर हिंदू समाज के भीतर ही भेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर भारतीय समाज के खिलाफ नफरत का प्रचार किया गया। निरुपम ने कहा, “आपको खान और पठान चलेंगे, लेकिन हिंदू समाज का एक वर्ग नहीं चलेगा। यह किस तरह की मानसिकता को दर्शाता है। वोटों के लिए तुष्टीकरण तो छोड़िए, अब तो जिहादी सोच रखने वाले लोगों से समझौता करने तक की बात हो रही है।”
उग्र राष्ट्रवाद बनाम तुष्टीकरण की राजनीति
संजय निरुपम ने दावा किया कि शिवसेना (शिंदे गुट) और भारतीय जनता पार्टी उग्र राष्ट्रवाद में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति राष्ट्र, सुरक्षा और समाज की एकता पर आधारित है।
निरुपम ने स्पष्ट कहा कि चुनाव में शिवसेना और भाजपा इसी मुद्दे को लेकर उतरेंगी और ऐसी मानसिकता को हराकर रहेंगी। उनके अनुसार, यह चुनाव केवल नगर निगम का नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई बन चुका है।
BMC चुनाव 2026 की पृष्ठभूमि
बता दें कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 का आधिकारिक ऐलान हो चुका है। मुंबई सहित राज्य के 28 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। BMC देश की सबसे अमीर नगर निगम मानी जाती है, इसलिए इस चुनाव का राजनीतिक महत्व काफी ज्यादा है। हर पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही है।









