ब्रिटेन में ‘सब्सक्रिप्शन ट्रैप’ पर शिकंजा, जनवरी 2027 से ग्राहकों को आसानी से मिलेगी रद्द करने की सुविधा

ब्रिटेन सरकार सब्सक्रिप्शन ट्रैप और फर्जी छूट वाली कीमतों पर कार्रवाई की तैयारी में है। जनवरी 2027 से ग्राहकों के लिए कैंसिलेशन और कीमतों की जानकारी आसान होगी।

ब्रिटेन सरकार ने अनचाहे सब्सक्रिप्शन और भ्रामक छूट वाली कीमतों पर रोक लगाने की तैयारी की है। प्रस्तावित नियमों के तहत कंपनियों को ऑटो-रिन्यूअल की स्पष्ट जानकारी, नियमित रिमाइंडर और आसान कैंसिलेशन सुविधा देनी होगी। नए नियम जनवरी 2027 तक लागू हो सकते हैं।

लंदन: ब्रिटेन की सरकार ने उपभोक्ताओं को महंगे और अनचाहे सब्सक्रिप्शन से राहत देने के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने घोषणा की है कि कंपनियों को सब्सक्रिप्शन सेवाओं की शर्तें अधिक स्पष्ट करनी होंगी और ग्राहकों के लिए ऐसे कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करना आसान बनाना होगा। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से उन लोगों को राहत मिलेगी, जो मुफ्त ट्रायल या कम कीमत वाली शुरुआती योजनाओं के बाद अनजाने में महंगे कॉन्ट्रैक्ट में चले जाते हैं।

सरकार की योजना केवल सब्सक्रिप्शन सेवाओं तक सीमित नहीं है। दुकानों और ऑनलाइन रिटेलर्स की ओर से ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कथित भ्रामक ‘फर्जी छूट’ और ‘दिखावटी कीमतों’ पर भी कार्रवाई की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कंपनियों को किसी उत्पाद की पुरानी कीमत या सुझाई गई खुदरा कीमत के नाम पर ऐसा दावा करने से रोका जाएगा, जिससे ग्राहक को वास्तविकता से अधिक बचत होने का भ्रम हो।

जनवरी 2027 तक लागू किए जाने की तैयारी

सरकार के मुताबिक, इन सुधारों को पहले अगले साल वसंत में लागू किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन अब इन्हें जनवरी 2027 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार इसे महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के बीच आम परिवारों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है।

प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बढ़ती लागत के बीच कुछ आर्थिक राहत देना है। उनके मुताबिक, उपभोक्ताओं को ऐसे अनुबंधों से बाहर निकलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए, जिनकी उन्हें अब जरूरत नहीं है या जिनकी कीमत उनकी जानकारी के बिना बढ़ जाती है।

सरकार ने इन बदलावों को ‘रोजमर्रा की परेशानियों’ को कम करने वाली नीतियों का हिस्सा बताया है। बर्नहम इन मुद्दों को लेकर ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों का दौरा भी कर रहे हैं।

क्या होता है ‘सब्सक्रिप्शन ट्रैप’?

‘सब्सक्रिप्शन ट्रैप’ ऐसी व्यवस्था को कहा जाता है, जिसमें ग्राहक किसी सेवा के लिए मुफ्त ट्रायल या शुरुआती छूट वाली योजना से जुड़ता है, लेकिन बाद में वह अपने आप महंगे भुगतान वाले कॉन्ट्रैक्ट में चला जाता है। कई मामलों में ग्राहकों को ऑटो-रिन्यूअल की जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं मिलती या सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया काफी जटिल होती है।

सरकार के अनुसार, ब्रिटेन में करीब एक करोड़ अनचाहे सक्रिय सब्सक्रिप्शन मौजूद हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की बताई गई है, जो मुफ्त या रियायती ट्रायल खत्म होने के बाद पूरी कीमत वाले कॉन्ट्रैक्ट में चले जाते हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 35 लाख लोग मुफ्त या कम कीमत वाले ट्रायल से बिना पर्याप्त जानकारी के पूर्ण कीमत वाले कॉन्ट्रैक्ट में चले जाते हैं। इसके अलावा करीब 13 लाख लोग अनपेक्षित ऑटो-रिन्यूअल के कारण प्रभावित होते हैं।

कंपनियों को देनी होगी स्पष्ट जानकारी

प्रस्तावित नियमों के तहत कंपनियों को सब्सक्रिप्शन शुरू करने से पहले ग्राहकों को अधिक स्पष्ट जानकारी देनी होगी। इसमें भुगतान की राशि, कॉन्ट्रैक्ट की अवधि, ऑटो-रिन्यूअल और कीमत में संभावित बदलाव जैसी जानकारी प्रमुख रूप से शामिल होगी।

ग्राहकों को नियमित रिमाइंडर दिए जाने की भी योजना है, ताकि उन्हें यह पता रहे कि उनका सब्सक्रिप्शन कब रिन्यू होने वाला है। सरकार चाहती है कि ग्राहक को सेवा जारी रखने या उसे बंद करने का फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय और स्पष्ट जानकारी मिले।

सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। सरकार का कहना है कि किसी सेवा को शुरू करना आसान और उसे बंद करना मुश्किल नहीं होना चाहिए।

‘दिखावटी कीमतों’ पर भी होगी कार्रवाई

सब्सक्रिप्शन ट्रैप के अलावा सरकार ने रिटेल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली ‘प्रिटेंड प्राइस’ या दिखावटी कीमतों के खिलाफ भी कदम उठाने का ऐलान किया है। कई बार दुकानदार किसी वस्तु के लिए पहले बहुत अधिक कीमत दिखाकर उस पर बड़ी छूट का दावा करते हैं। सरकार का कहना है कि इससे ग्राहक को वास्तविक बचत से अधिक फायदा मिलने का भ्रम हो सकता है।

नए प्रस्तावों के तहत रिटेलर्स द्वारा ‘पहले की कीमत’ यानी ‘was price’, मनगढ़ंत डिस्काउंट या भ्रामक अनुशंसित खुदरा कीमतों का इस्तेमाल करके उत्पाद को आकर्षक दिखाने पर नियंत्रण बढ़ाया जाएगा।

सरकार इस संबंध में शरद ऋतु में एक परामर्श प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि नए नियमों को किस तरह लागू किया जाए और कंपनियों पर किन परिस्थितियों में कार्रवाई हो।

उपभोक्ता संगठनों ने किया स्वागत

उपभोक्ता अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन Which? ने सरकार की घोषणा का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि उसने कई बार ऐसे मामलों को उजागर किया है, जहां ग्राहकों को ऐसे ऑफर या सौदे मिले जो पहली नजर में आकर्षक दिखाई देते थे, लेकिन उनकी वास्तविक शर्तें अलग थीं।

संगठन ने सरकार से इन नियमों को जल्द लागू करने की मांग की है। उपभोक्ता समूहों का मानना है कि स्पष्ट जानकारी और आसान कैंसिलेशन प्रक्रिया से ग्राहकों को अनावश्यक भुगतान से बचाया जा सकता है।

विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल

सरकार की घोषणा पर विपक्ष ने भी प्रतिक्रिया दी है। शैडो चांसलर मेल स्ट्राइड ने इन योजनाओं को पहले से घोषित नीतियों को दोबारा पेश करने वाला कदम बताया। उनका आरोप है कि जीवन-यापन की लागत का संकट नया नहीं है और सरकार को इन उपायों को लागू करने में इतना समय नहीं लगाना चाहिए था।

दरअसल, सब्सक्रिप्शन से जुड़े कई उपभोक्ता संरक्षण उपायों की घोषणा पहले की सरकार के कार्यकाल में भी की जा चुकी थी। 2024 में पारित डिजिटल मार्केट्स, कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर एक्ट के तहत छिपे शुल्क, ऑनलाइन फर्जी रिव्यू और सब्सक्रिप्शन रद्द करने जैसी उपभोक्ता समस्याओं पर कार्रवाई के लिए प्रावधान किए गए थे।

सरकार पर और बड़े कदम उठाने का दबाव

लिबरल डेमोक्रेट्स ने सरकार से उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए और कड़े कदम उठाने की मांग की है। पार्टी की ओर से कथित धोखाधड़ी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सुपरमार्केट में ‘श्रिंकफ्लेशन’ पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।

श्रिंकफ्लेशन उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी उत्पाद का आकार या मात्रा कम कर दी जाती है, लेकिन उसकी कीमत लगभग समान रहती है। इससे ग्राहक को वास्तविक कीमत बढ़ने का पता तुरंत नहीं चलता।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

यदि प्रस्तावित नियम तय समय के अनुसार लागू होते हैं तो ब्रिटेन में सब्सक्रिप्शन लेने वाले ग्राहकों को सेवा की शर्तों की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकती है। ऑटो-रिन्यूअल से पहले रिमाइंडर मिलने और सदस्यता खत्म करने की आसान प्रक्रिया से ग्राहकों को अनचाहे भुगतान से बचने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट के लिए मौजूदा समय में एक जैसे कैंसिलेशन अधिकार नहीं हैं। ब्रॉडबैंड और मोबाइल जैसी कुछ सेवाओं में परिस्थितियों के आधार पर ग्राहकों को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के अधिकार पहले से प्राप्त हैं। उदाहरण के लिए, सेवा में गंभीर समस्या होने पर कुछ मामलों में ग्राहक कानूनी रूप से कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर सकते हैं।

सरकार की नई पहल का व्यापक उद्देश्य उपभोक्ताओं को ऐसी व्यावसायिक प्रक्रियाओं से बचाना है, जिनमें जानकारी की कमी, ऑटो-रिन्यूअल या भ्रामक कीमतों के कारण उन्हें अपनी जरूरत से अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। जनवरी 2027 की समयसीमा के साथ अब निगाह इस बात पर होगी कि सरकार इन प्रस्तावों को किस तरह अंतिम नियमों में बदलती है।

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