हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना में 7050 में से 6987 सीवरेज कनेक्शन विभागीय रिकॉर्ड में मंजूर नहीं हैं। पांच साल बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने 500 रुपये शुल्क लेकर कनेक्शन नियमित करने का अभियान शुरू किया है।
फतेहाबाद: भूना शहर में सीवरेज व्यवस्था को लेकर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभागीय रिकॉर्ड में 7050 कनेक्शनों में सिर्फ 63 मंजूर हैं, जबकि 6987 कनेक्शन अनियमित बताए गए हैं। अब विभाग की टीमें घर-घर जाकर कनेक्शनों की जांच करेंगी और उपभोक्ताओं को 500 रुपये शुल्क जमा कर उन्हें नियमित कराने का अवसर दिया जाएगा।
पांच साल बाद कनेक्शनों की जांच शुरू
भूना शहर में करीब पांच साल पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों के सीवरेज कनेक्शन मुख्य लाइन से जोड़ लिए। हालांकि, विभागीय रिकॉर्ड में इन कनेक्शनों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। अब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने इस मामले में अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।
विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में करीब 7050 सीवरेज कनेक्शन हैं। इनमें केवल 63 कनेक्शन ही मंजूर बताए गए हैं। बाकी 6987 कनेक्शन विभागीय रिकॉर्ड में अनियमित हैं। इस स्थिति के सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि सीवरेज लाइन शुरू होने के बाद इतने वर्षों तक इन कनेक्शनों की नियमित जांच क्यों नहीं की गई।
अगर शुरुआत में ही घर-घर जाकर कनेक्शनों का सत्यापन किया जाता और जरूरी दस्तावेज पूरे करवाए जाते, तो हजारों कनेक्शनों को वर्षों बाद अनियमित घोषित करने की स्थिति नहीं बनती।
घर-घर जाकर होगी सीवरेज कनेक्शनों की जांच
अब विभाग ने इस काम के लिए तीन टीमें गठित की हैं। ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर सीवरेज कनेक्शनों की स्थिति की जांच करेंगी और उपभोक्ताओं को नियमितीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगी।
पहली टीम की जिम्मेदारी निर्मला रानी को दी गई है। दूसरी टीम की इंचार्ज सुमन रानी हैं, जबकि तीसरी टीम का नेतृत्व सतीश कुमार करेंगे। टीमें घर-घर पहुंचकर यह पता लगाएंगी कि कनेक्शन किस तरह जोड़ा गया है और वह विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं।
अभियान का उद्देश्य अनियमित कनेक्शनों को विभागीय रिकॉर्ड में शामिल करना और सीवरेज व्यवस्था से जुड़े उपभोक्ताओं का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करना बताया गया है।
500 रुपये में नियमित कराने का मौका
विभाग ने अनियमित सीवरेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को उन्हें नियमित कराने का अवसर दिया है। इसके लिए 500 रुपये शुल्क जमा करना होगा। विभागीय टीमों की ओर से लोगों को मौके पर इस प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को कनेक्शन नियमित कराने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। इसका मकसद कार्रवाई से पहले अधिक से अधिक कनेक्शनों को वैध रिकॉर्ड में शामिल करना है।
हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि टीम के निरीक्षण के बाद यदि कोई उपभोक्ता कनेक्शन नियमित कराने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिन बाद काटा जा सकता है कनेक्शन
विभाग के अनुसार, टीम के घर पहुंचने के बाद भी अगर उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के तहत कनेक्शन नियमित नहीं करवाता है तो तीन दिन बाद सीवरेज कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद बिना अनुमति दोबारा कनेक्शन जोड़ने पर भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई से उन हजारों परिवारों पर असर पड़ सकता है, जिनके कनेक्शन अभी विभागीय रिकॉर्ड में मंजूर नहीं हैं। वहीं, पांच साल तक निगरानी नहीं होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब विभाग का अभियान यह तय करेगा कि कितने कनेक्शन नियमित होते हैं और कितने मामलों में कार्रवाई की जरूरत पड़ती है।












