प्रयागराज-उत्तर प्रदेश में आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की जा रही है। परीक्षा में शामिल होने पहुंचे कई अभ्यर्थियों को सुरक्षा जांच के दौरान मंगलसूत्र, चूड़ियां और अन्य धातु की वस्तुएं तक उतरवानी पड़ीं।
बताया जा रहा है कि महिला अभ्यर्थियों के जूड़े तक खुलवाए गए ताकि किसी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या नकल सामग्री अंदर न ले जाई जा सके। इसके अलावा पानी की बोतलों से रैपर हटवाकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। राज्यभर में लगभग 3.66 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। कई जगहों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते नजर आए।
उत्तर प्रदेश पुलिस को परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था न हो। कई केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक जांच की व्यवस्था भी की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया काफी सख्त रही, लेकिन परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए यह जरूरी भी है। हालांकि कुछ अभ्यर्थियों ने जांच में अधिक समय लगने की शिकायत भी की।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में परीक्षा केंद्रों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली। अभिभावक भी बड़ी संख्या में केंद्रों के बाहर इंतजार करते नजर आए।
सोशल मीडिया पर परीक्षा केंद्रों की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग सुरक्षा जांच की सख्ती को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स इसे जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे जरूरत से ज्यादा सख्त बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल के मामलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। तकनीकी निगरानी और कड़ी जांच से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल राज्यभर में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। प्रशासन और आयोग की टीमें लगातार पूरे आयोजन पर नजर बनाए हुए हैं।









