LIVE: यूपी में भीषण गर्मी का कहर, पारा 49°C पहुंचने के आसार

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर जारी है। बांदा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि 14 शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
LIVE: यूपी में भीषण गर्मी का कहर, पारा 49°C पहुंचने के आसार
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वाराणसी-उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की सबसे खतरनाक मार झेल रहा है। सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों ने पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह होते ही गर्म हवाएं चलनी शुरू हो जा रही हैं और दोपहर तक हालात इतने खराब हो रहे हैं कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कुछ जिलों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या, स्वास्थ्य, बिजली व्यवस्था और पानी की सप्लाई तक को प्रभावित कर दिया है।

बांदा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। यहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर में सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे सिर पर गमछा, टोपी और चेहरे पर कपड़ा बांधकर चलते नजर आए। कई जगहों पर लोग पेड़ों की छांव और दुकानों के बाहर लगे कूलर के सामने खड़े होकर राहत पाने की कोशिश करते दिखे।

गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि जानवरों और पक्षियों पर भी दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर बंदर, गाय और कुत्ते पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कोबरा सांप बर्फ की बोतल से लिपटा दिखाई दे रहा है। लोग इस दृश्य को गर्मी की भयावहता का सबसे बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

लखनऊ में गर्मी के साथ बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में घंटों बिजली कटौती होने से लोग पूरी रात परेशान रहे। भीषण उमस और गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और गलियों में बैठने को मजबूर हो गए। देर रात गुस्साए लोगों ने पावर हाउस पहुंचकर हंगामा किया। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो थानों की पुलिस मौके पर बुलानी पड़ी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब हो रही है। कई घरों में इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद समय पर समाधान नहीं मिल रहा।

आगरा में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भीषण गर्मी का असर ताजमहल पर भी दिखाई दिया, जहां आने वाले पर्यटकों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम हो गई। दोपहर में ताजमहल परिसर लगभग खाली नजर आया। जो पर्यटक पहुंचे, वे सिर ढंककर और पानी की बोतल साथ लेकर घूमते दिखाई दिए।

कानपुर में भी हालात बेहद खराब हैं। यहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसा दिया। दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो गईं। कई इलाकों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए मेट्रो स्टेशनों और मॉल में बैठे दिखाई दिए। प्रशासन ने 31 मई तक 8वीं तक के स्कूल बंद करने का फैसला लिया है।

वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और झांसी समेत कई शहरों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गर्म हवाओं के कारण लोग सुबह 10 बजे के बाद घरों से निकलने से बच रहे हैं।

भीषण गर्मी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के 14 शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कहीं 8वीं तक तो कहीं 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित की गई हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। स्कूल बंद होने के फैसले से माता-पिता ने राहत की सांस ली है।

अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी तेजी से हो रही है, इसलिए लोगों को लगातार पानी पीना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

गर्मी का असर बिजली और पानी की खपत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई शहरों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड होने लगे हैं, जिससे फॉल्ट और कटौती की घटनाएं बढ़ गई हैं। पानी की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में लोग टैंकरों और हैंडपंपों के सहारे पानी जुटा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोग गर्मी को लेकर लगातार तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं। कहीं लोग सड़कों पर अंडा फ्राई करने का दावा कर रहे हैं तो कहीं कार की सीट और बाइक का हैंडल छूना मुश्किल हो रहा है। कई यूजर्स ने लिखा कि उन्होंने पिछले कई वर्षों में इतनी भयानक गर्मी नहीं देखी।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते शहरीकरण के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। पेड़ों की कटाई और कंक्रीट के बढ़ते इस्तेमाल ने शहरों को और ज्यादा गर्म बना दिया है। आने वाले वर्षों में हीटवेव की घटनाएं और गंभीर हो सकती हैं।

फिलहाल पूरा प्रदेश बारिश और मानसून का इंतजार कर रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जून के दूसरे सप्ताह के बाद प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, लेकिन तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन लगातार लोगों से सावधानी बरतने, दोपहर में घरों में रहने और पर्याप्त पानी पीने की अपील कर रहा है।

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