UP में बिजली मांग 31,500 MW पार, बंद यूनिटों से उत्पादन बहाल करने की कवायद तेज

उत्तर प्रदेश में बिजली मांग 31,500 मेगावाट से ऊपर पहुंची। बंद उत्पादन इकाइयों को चालू करने और अतिरिक्त बिजली खरीदकर आपूर्ति सामान्य रखने की कोशिश जारी है।

उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी के चलते बिजली की मांग 31,500 मेगावाट से अधिक पहुंच गई है। कई उत्पादन इकाइयों के बंद होने से आपूर्ति पर दबाव बढ़ा, जबकि बिजली प्रबंधन उत्पादन बहाली और अतिरिक्त बिजली आयात के जरिए स्थिति संभालने में जुटा है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और उमस के बीच बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। राज्य में बिजली खपत 31,500 मेगावाट के पार जाने से विद्युत प्रबंधन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। कई तापीय इकाइयों में उत्पादन प्रभावित होने के बावजूद बिजली विभाग आपूर्ति बनाए रखने के लिए बंद यूनिटों को जल्द चालू कराने और बाहरी स्रोतों से बिजली खरीद बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

बढ़ती मांग ने बढ़ाया बिजली तंत्र पर दबाव

पिछले कुछ दिनों में तापमान और उमस बढ़ने के कारण प्रदेशभर में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। शनिवार को मांग 31,500 मेगावाट से ऊपर पहुंच गई, जिससे उत्पादन और वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना। बिजली विभाग को लगातार बदलते लोड के अनुसार आपूर्ति संतुलित करनी पड़ रही है।

बंद इकाइयों की वजह से आई चुनौती

17 जून से 19 जून के बीच प्रदेश की कई उत्पादन इकाइयों में तकनीकी कारणों से उत्पादन प्रभावित हुआ था। इनमें हरदुआगंज, ललितपुर और अनपरा की कुछ इकाइयां शामिल रहीं। विभाग ने अधिकांश इकाइयों से उत्पादन दोबारा शुरू कर स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया, लेकिन हरदुआगंज तापीय परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी यूनिट के बंद होने से फिर दबाव बढ़ गया।

इसका असर कई जिलों में बिजली आपूर्ति पर दिखाई दिया, जहां उपभोक्ताओं को कटौती का सामना करना पड़ा। हालांकि विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति सामान्य बनाए रखने की कोशिश की।

अतिरिक्त बिजली खरीदकर संभाली गई स्थिति

बिजली संकट को कम करने के लिए प्रबंधन ने केंद्रीय और निजी क्षेत्र से बिजली खरीद बढ़ाई। इससे प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में मदद मिली। साथ ही स्वतंत्र विद्युत उत्पादक (IPP) क्षेत्र की खुर्जा, रोजा और घाटमपुर परियोजनाओं की बंद इकाइयों को जल्द चालू कराने के लिए संबंधित प्रबंधन पर दबाव बढ़ाया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि इन इकाइयों से उत्पादन शुरू होने के बाद प्रदेश में बिजली आपूर्ति और अधिक स्थिर हो जाएगी तथा बढ़ती मांग को पूरा करने में राहत मिलेगी।

रविवार तक उत्पादन बहाली की उम्मीद

ऊर्जा विभाग को उम्मीद है कि बंद चल रही प्रमुख इकाइयों से रविवार देर शाम तक उत्पादन शुरू हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने के साथ कटौती में भी कमी आएगी। बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग लगातार उत्पादन और आपूर्ति की निगरानी कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को न्यूनतम परेशानी हो।

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