पश्चिम बंगाल में भीषण सड़क हादसा: खड़े ट्रेलर से टकराई यात्री बस, 4 की मौत, 57 घायल

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में NBSTC बस खड़े ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हुई, जबकि 57 यात्री घायल हुए। 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

West Bengal के जलपाईगुड़ी जिले में एक यात्री बस खड़े ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और 57 यात्री घायल हुए। घायलों में 10 की हालत गंभीर है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जलपाईगुड़ी: पूर्वी भारत के West Bengal में रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों यात्री घायल हो गए। यह दुर्घटना जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर हुई, जहां यात्रियों से भरी एक बस सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से टकरा गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रेलर के पीछे बुरी तरह फंस गया और कई यात्री उसमें दब गए।

अधिकारियों के अनुसार हादसे में कुल 57 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल यात्रियों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

सिलिगुड़ी से कूचबिहार जा रही थी बस

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस North Bengal State Transport Corporation की थी और सिलिगुड़ी से कूचबिहार की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान बस तीस्ता पुल पार कर उल्लाडाबाड़ी क्षेत्र में पहुंची थी, तभी यह हादसा हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर माना जा रहा है कि बस तेज गति से चल रही थी और चालक सड़क किनारे खड़े ट्रेलर को समय रहते नहीं देख सका। परिणामस्वरूप बस सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सामने की सीटों पर बैठे कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

चार लोगों की मौत, कई की हालत नाजुक

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक की पहचान सजल सरकार के रूप में हुई है, जबकि अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई घायलों को सिर, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मरीजों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिनका इलाज विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव अभियान

दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुंच गए। टक्कर की तेज आवाज सुनकर लोग मदद के लिए दौड़े और घायलों को बस से निकालने का प्रयास शुरू किया।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस के सामने का हिस्सा पूरी तरह दब चुका था और कुछ यात्री उसमें फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने प्राथमिक बचाव कार्य शुरू कर कई यात्रियों को बाहर निकाला। बाद में पुलिस, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस सेवाएं भी मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

दुर्घटना के बाद बचाव अभियान कई घंटों तक जारी रहा। आपातकालीन दलों को बस के मुड़े हुए लोहे के हिस्सों को काटकर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना पड़ा।

बचावकर्मियों ने विशेष उपकरणों की सहायता से बस के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाया और एक-एक कर यात्रियों को सुरक्षित निकाला। गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए आसपास के अस्पतालों को भी सतर्क कर दिया गया था ताकि घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

अस्पतालों में जारी है इलाज

दुर्घटना में घायल हुए लोगों को जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और मयनागुड़ी ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 37 घायल मरीजों का इलाज जलपाईगुड़ी के अस्पताल में चल रहा है, जबकि अन्य घायलों को नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया है।

चिकित्सकों का कहना है कि कुछ मरीजों को गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं, इसलिए उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त चिकित्सा टीमों को भी तैनात किया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि आखिर बस खड़े ट्रेलर से क्यों टकराई और दुर्घटना के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति और ट्रेलर के खड़े होने के तरीके सहित कई पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच टीम घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

राजमार्ग पर यातायात हुआ प्रभावित

दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया। क्षतिग्रस्त बस और ट्रेलर सड़क पर फंसे होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से दोनों वाहनों को हटाया, जिसके बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। अधिकारियों ने यात्रियों और वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील भी की थी। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया गया।

भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर भारत में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की चुनौतियों को सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, चालक की थकान, अपर्याप्त सड़क सुरक्षा उपाय और वाहनों की तकनीकी जांच में कमी जैसी समस्याएं अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं।

विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर खड़े भारी वाहनों की उचित चेतावनी व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहतर निगरानी और सख्त नियमों की जरूरत है।

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